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Friday, 29 July 2016
रसके भरे तोरे नैन - Raske Bhare Tore Nain (Shafqat Amanat Ali Khan, Satyagraha)
04:35
Movie/Album: सत्याग्रह (2013)
Music By: सलीम-सुलैमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शफ्कत अमानत अली खान, अर्पिता चक्रबर्ती
रसके भरे तोरे नैन
सांवरिया
तड़पत हूँ दिन रैन
सांवरिया
बिन देखे नहीं चैन
सांवरिया
दर्द जिया का, कासे कहूँ मैं
टीस में कैसे बोलूं
पिया बिना मैं, जोगन जोगन
बन के बावरिया डोलूं
और न कर बेचैन
सांवरिया...
रसके भरे तोरे...
तोरे खातिर से सजाई
खुसबू फुलवा फुलवा
अंग अंग मोरे गंध तेहारी
बहियन झूला झुलवा
हुई सुहागन रैन
सांवरिया
रसके भरे तोरे...
Music By: सलीम-सुलैमान
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शफ्कत अमानत अली खान, अर्पिता चक्रबर्ती
रसके भरे तोरे नैन
सांवरिया
तड़पत हूँ दिन रैन
सांवरिया
बिन देखे नहीं चैन
सांवरिया
दर्द जिया का, कासे कहूँ मैं
टीस में कैसे बोलूं
पिया बिना मैं, जोगन जोगन
बन के बावरिया डोलूं
और न कर बेचैन
सांवरिया...
रसके भरे तोरे...
तोरे खातिर से सजाई
खुसबू फुलवा फुलवा
अंग अंग मोरे गंध तेहारी
बहियन झूला झुलवा
हुई सुहागन रैन
सांवरिया
रसके भरे तोरे...
Monday, 6 June 2016
चक दे इंडिया - Chak De India (Sukhwinder Singh, Chak De India)
03:51
Movie/Album: चक दे इंडिया (2007)
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: जयदीप साहनी
Performed By: सुखविंदर सिंह, सलीम मर्चेंट
कुछ करिए, कुछ करिए
नस नस मेरी खोले, हाय कुछ करिए
कुछ करिए, कुछ करिए
बस बस बड़ा बोले, अब कुछ करिए
हो कोई तो चल ज़िद्द फड़िए, तू बिदरिये या मरिये
चक दे हो चक दे इंडिया
चक दे हो चक दे इंडिया
कुचों में गलियों में, राशन की फलियों में
बैलों में बीजों में, ईदों में तीजों में
रेतों के दानों में, फिल्मों के गानों में
सड़को के गड्ढों में, बातों के अड्डों में
हुंकारा आज भर ले, दस बारह बार कर ले
रहना ना यार पीछे, कितना भी कोई खींचे
टस है ना मस है जी, ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही, पिसना यूँ ही, पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...
चक दे हो चक दे इंडिया...
लड़ती पतंगों में, भिड़ती उमँगों में
खेलों के मेलों में, बलखाती रेलों में
गन्नों के मीठे में, खद्दर में, झींटें में
ढूँढो तो मिल जावे, पत्ता वो ईंटों में
रंग ऐसा आज निखरे, और खुलके आज बिखरे
मन जाए ऐसी होली, रग-रग में दिल के बोली
टस है ना मस है जी, ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही, पिसना यूँ ही, पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...
चक दे हो चक दे इंडिया...
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: जयदीप साहनी
Performed By: सुखविंदर सिंह, सलीम मर्चेंट
कुछ करिए, कुछ करिए
नस नस मेरी खोले, हाय कुछ करिए
कुछ करिए, कुछ करिए
बस बस बड़ा बोले, अब कुछ करिए
हो कोई तो चल ज़िद्द फड़िए, तू बिदरिये या मरिये
चक दे हो चक दे इंडिया
चक दे हो चक दे इंडिया
कुचों में गलियों में, राशन की फलियों में
बैलों में बीजों में, ईदों में तीजों में
रेतों के दानों में, फिल्मों के गानों में
सड़को के गड्ढों में, बातों के अड्डों में
हुंकारा आज भर ले, दस बारह बार कर ले
रहना ना यार पीछे, कितना भी कोई खींचे
टस है ना मस है जी, ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही, पिसना यूँ ही, पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...
चक दे हो चक दे इंडिया...
लड़ती पतंगों में, भिड़ती उमँगों में
खेलों के मेलों में, बलखाती रेलों में
गन्नों के मीठे में, खद्दर में, झींटें में
ढूँढो तो मिल जावे, पत्ता वो ईंटों में
रंग ऐसा आज निखरे, और खुलके आज बिखरे
मन जाए ऐसी होली, रग-रग में दिल के बोली
टस है ना मस है जी, ज़िद है तो ज़िद है जी
किसना यूँ ही, पिसना यूँ ही, पिसना यूँ ही
बस करिए
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...
चक दे हो चक दे इंडिया...
आशाएँ - Aashayein (K.K., Iqbal)
03:33
Movie/Album: इक़बाल (2006)
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: इरफ़ान सिद्दीकी
Performed By: के.के., क्लिंटन सेरेजो
कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं
हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं
तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी, नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की...
उड़ जाए लेके ख़ुशी, अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो, पूरी हो तेरी हर दुआ
आशाएँ खिले दिल की...
गुज़रे ऐसी हर रात रात, हो ख्वाहिशों से बात बात
ले कर सूरज से आग आग, गाये जा अपना राग राग
कुछ ऐसा करके दिखा, खुद खुश हो जाए खुदा
आशाएँ खिले दिल की...
तेरी वो रफ़्तार हो, रोके से भी तू ना रुके
हासिल कर ऐसा शिखर, परबत की भी नज़रें उठे
आशाएं खिले दिल की...
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: इरफ़ान सिद्दीकी
Performed By: के.के., क्लिंटन सेरेजो
कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं
हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं
तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी, नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की...
उड़ जाए लेके ख़ुशी, अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो, पूरी हो तेरी हर दुआ
आशाएँ खिले दिल की...
गुज़रे ऐसी हर रात रात, हो ख्वाहिशों से बात बात
ले कर सूरज से आग आग, गाये जा अपना राग राग
कुछ ऐसा करके दिखा, खुद खुश हो जाए खुदा
आशाएँ खिले दिल की...
तेरी वो रफ़्तार हो, रोके से भी तू ना रुके
हासिल कर ऐसा शिखर, परबत की भी नज़रें उठे
आशाएं खिले दिल की...
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