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Tuesday, 16 August 2016
आई अब की साल दिवाली - Aayi Ab Ki Saal Diwali (Lata Mangeshkar, Haqeeqat)
02:13
Movie/Album: हकीकत (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर
आई अब की साल दिवाली
मुंह पर अपने खून मले
चारों तरफ है घोर अंधेरा
घर में कैसे दीप जले
आई अब की साल दिवाली...
बालक तरसे फुलझड़ियों को, दीपों को दीवारें
माँ की गोदी सूनी सूनी, आँगन कैसे संवारे
राह में उनकी जाओ उजालों
बन में जिनकी शाम ढले
आई अब की साल दिवाली...
जिनके दम से जगमग जगमग करती थी ये रातें
चोरी चोरी हो जाती थी मन से मन की बातें
छोड़ चले वो घर में अमावस
ज्योति लेकर साथ चले
आई अब की साल दिवाली...
टप-टप टप-टप टपके आंसू, छलकी खाली थाली
जाने क्या क्या समझाती है आँखों की ये लाली
शोर मचा है आग लगी है
कटते हैं पर्वत पे गले
आई अब की साल दिवाली...
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर
आई अब की साल दिवाली
मुंह पर अपने खून मले
चारों तरफ है घोर अंधेरा
घर में कैसे दीप जले
आई अब की साल दिवाली...
बालक तरसे फुलझड़ियों को, दीपों को दीवारें
माँ की गोदी सूनी सूनी, आँगन कैसे संवारे
राह में उनकी जाओ उजालों
बन में जिनकी शाम ढले
आई अब की साल दिवाली...
जिनके दम से जगमग जगमग करती थी ये रातें
चोरी चोरी हो जाती थी मन से मन की बातें
छोड़ चले वो घर में अमावस
ज्योति लेकर साथ चले
आई अब की साल दिवाली...
टप-टप टप-टप टपके आंसू, छलकी खाली थाली
जाने क्या क्या समझाती है आँखों की ये लाली
शोर मचा है आग लगी है
कटते हैं पर्वत पे गले
आई अब की साल दिवाली...
हम छोड़ चले हैं महफ़िल को - Hum Chhod Chale Hain Mehfil Ko (Mukesh)
01:21
Movie/Album: जी चाहता है (1964)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मुकेश
हम छोड़ चले हैं महफ़िल को
याद आये कभी तो मत रोना
इस दिल को तसल्ली दे लेना
घबराये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
एक ख़्वाब सा देखा था हमने
जब आँख खुली तो टूट गया
ये प्यार तुम्हें सपना बनकर
तड़पाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
तुम मेरे ख़यालों में खोकर
बरबाद न करना जीवन को
जब कोई सहेली बात तुम्हें
समझाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
जीवन के सफ़र में तन्हाई
मुझको तो न ज़िन्दा छोड़ेगी
मरने की खबर ऐ जान-ए-जिगर
मिल जाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मुकेश
हम छोड़ चले हैं महफ़िल को
याद आये कभी तो मत रोना
इस दिल को तसल्ली दे लेना
घबराये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
एक ख़्वाब सा देखा था हमने
जब आँख खुली तो टूट गया
ये प्यार तुम्हें सपना बनकर
तड़पाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
तुम मेरे ख़यालों में खोकर
बरबाद न करना जीवन को
जब कोई सहेली बात तुम्हें
समझाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
जीवन के सफ़र में तन्हाई
मुझको तो न ज़िन्दा छोड़ेगी
मरने की खबर ऐ जान-ए-जिगर
मिल जाये कभी तो मत रोना
हम छोड़ चले हैं...
Saturday, 13 August 2016
राही मनवा दुःख की चिंता - Raahi Manva Dukh Ki Chinta (Md.Rafi, Dosti)
00:57
Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
दुःख हो या सुख
जब सदा संग रहे ना कोय
फ़िर दुःख को अपनाईये
के जाए तो दुःख ना होय
राही मनवा दुःख की चिंता क्यूँ सताती है
दुःख तो अपना साथी है
सुख है इक छाँव ढलती, आती है, जाती है
दुःख तो अपना साथी है
दूर है मंजिल दूर सही
प्यार हमारा क्या कम है
पग में काँटे लाख सही
पर ये सहारा क्या कम है
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव ढलती...
दुःख हो कोई तब जलते हैं
पथ के दीप निगाहों में
इतनी बड़ी इस दुनिया की
लंबी अकेली राहों में
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
दुःख हो या सुख
जब सदा संग रहे ना कोय
फ़िर दुःख को अपनाईये
के जाए तो दुःख ना होय
राही मनवा दुःख की चिंता क्यूँ सताती है
दुःख तो अपना साथी है
सुख है इक छाँव ढलती, आती है, जाती है
दुःख तो अपना साथी है
दूर है मंजिल दूर सही
प्यार हमारा क्या कम है
पग में काँटे लाख सही
पर ये सहारा क्या कम है
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव ढलती...
दुःख हो कोई तब जलते हैं
पथ के दीप निगाहों में
इतनी बड़ी इस दुनिया की
लंबी अकेली राहों में
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव...
चाहूँगा मैं तुझे - Chahunga Main Tujhe (Md.Rafi, Dosti)
00:56
Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे
फिर भी कभी अब नाम को तेरे
आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा
देख मुझे सब है पता
सुनता है तू मन की सदा
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...
दर्द भी तू, चैन भी तू
दरस भी तू, नैन भी तू
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे
फिर भी कभी अब नाम को तेरे
आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा
देख मुझे सब है पता
सुनता है तू मन की सदा
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...
दर्द भी तू, चैन भी तू
दरस भी तू, नैन भी तू
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...
जाने वालों ज़रा - Jaane Waalon Zara (Md.Rafi, Dosti)
00:42
Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो मुझे
एक इन्सान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जिसने सबको रचा, अपने ही रूप से
उसकी पहचान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
इस अनोखे जगत की मैं तक़दीर हूँ
मैं विधाता के हाथों की तसवीर हूँ
इस जहां के लिये, धरती माँ के लिये
शिव का वरदान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
मन के अंदर छिपाए मिलन की लगन
अपने सूरज से हूँ एक बिछड़ी किरन
फिर रहा हूँ भटकता, मैं यहाँ से वहाँ
और परेशान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
मेरे पास आओ, छोड़ो ये सारा भरम
जो मेरा दुख वही है तुम्हारा भी ग़म
देखता हूँ तुम्हें, जानता हूँ तुम्हें
लाख अन्जान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो मुझे
एक इन्सान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जिसने सबको रचा, अपने ही रूप से
उसकी पहचान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
इस अनोखे जगत की मैं तक़दीर हूँ
मैं विधाता के हाथों की तसवीर हूँ
इस जहां के लिये, धरती माँ के लिये
शिव का वरदान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
मन के अंदर छिपाए मिलन की लगन
अपने सूरज से हूँ एक बिछड़ी किरन
फिर रहा हूँ भटकता, मैं यहाँ से वहाँ
और परेशान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
मेरे पास आओ, छोड़ो ये सारा भरम
जो मेरा दुख वही है तुम्हारा भी ग़म
देखता हूँ तुम्हें, जानता हूँ तुम्हें
लाख अन्जान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...
मेरी दोस्ती मेरा प्यार - Meri Dosti Mera Pyar (Md.Rafi, Dosti)
00:37
Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए
के पग-पग दीप जलाए
मेरी दोस्ती मेरा प्यार
जीवन का यही है दस्तूर
प्यार बिना अकेला मजबूर
दोस्ती को माने तो सब दुख दूर
कोई काहे ठोकर खाए
मेरे संग आए...
दोनो के हैं, रूप हज़ार
पर मेरी सुने जो संसार
दोस्ती है भाई, तो बहना है प्यार
कोई मत चैन चुराए
मेरे संग आए...
प्यार का है, प्यार ही नाम
कहीं मीरा, कहीं घनश्याम
दोस्ती का यारो नहीं कोई दाम
कोइ कहीं दूर ना जाए
मेरे संग आए...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए
के पग-पग दीप जलाए
मेरी दोस्ती मेरा प्यार
जीवन का यही है दस्तूर
प्यार बिना अकेला मजबूर
दोस्ती को माने तो सब दुख दूर
कोई काहे ठोकर खाए
मेरे संग आए...
दोनो के हैं, रूप हज़ार
पर मेरी सुने जो संसार
दोस्ती है भाई, तो बहना है प्यार
कोई मत चैन चुराए
मेरे संग आए...
प्यार का है, प्यार ही नाम
कहीं मीरा, कहीं घनश्याम
दोस्ती का यारो नहीं कोई दाम
कोइ कहीं दूर ना जाए
मेरे संग आए...
Friday, 5 August 2016
ओ महबूबा - O Mehbooba (Mukesh, Sangam)
04:36
Movie/Album: संगम (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मुकेश
ओ महबूबा
तेरे दिल के पास ही है मेरी मंज़िल-ए-मक़्सूद
वो कौन सी महफ़िल है जहाँ तू नहीं मौजूद
ओ महबूबा...
किस बात से नाराज़ हो, किस बात का है ग़म
किस सोच में डूबी हो तुम, हो जायेगा संगम
ओ महबूबा...
गुज़रूँ मैं इधर से कभी, गुज़रूँ मैं उधर से
मिलता है हर इक रासता, जा कर तेरे दर से
ओ महबूबा...
बाहों के तुझे हार मैं पहनाऊँगा इक दिन
सब देखते रह जायेंगे, ले जाऊँगा इक दिन
ओ महबूबा...
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मुकेश
ओ महबूबा
तेरे दिल के पास ही है मेरी मंज़िल-ए-मक़्सूद
वो कौन सी महफ़िल है जहाँ तू नहीं मौजूद
ओ महबूबा...
किस बात से नाराज़ हो, किस बात का है ग़म
किस सोच में डूबी हो तुम, हो जायेगा संगम
ओ महबूबा...
गुज़रूँ मैं इधर से कभी, गुज़रूँ मैं उधर से
मिलता है हर इक रासता, जा कर तेरे दर से
ओ महबूबा...
बाहों के तुझे हार मैं पहनाऊँगा इक दिन
सब देखते रह जायेंगे, ले जाऊँगा इक दिन
ओ महबूबा...
हर दिल जो प्यार करेगा - Har Dil Jo Pyar Karega (Sangam, Mukesh, Lata, Mahendra)
04:35
Movie/Album: संगम (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर
हर दिल जो प्यार करेगा, वो गाना गायेगा
दीवाना सैंकड़ों में पहचाना जायेगा
आप हमारे दिल को चुरा के आँख चुराये जाते हैं
ये इक तरफ़ा रसम-ए-वफ़ा हम फिर भी निभाये जाते हैं
चाहत का दस्तूर है लेकिन, आपको ही मालूम नहीं
जिस महफ़िल में शमा हो, परवाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
भूली बिसरी यादें मेरे हँसते गाते बचपन की
रात बिरात चली आतीं हैं, नींद चुराने नैनन की
अब कह दूँगी, करते करते, कितने सावन बीत गये
जाने कब इन आँखों का शरमाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
अपनी-अपनी सब ने कह ली, लेकिन हम चुपचाप रहे
दर्द पराया जिसको प्यारा, वो क्या अपनी बात कहे
ख़ामोशी का ये अफ़साना रह जायेगा बाद मेरे
अपना के हर किसी को, बेगाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर
हर दिल जो प्यार करेगा, वो गाना गायेगा
दीवाना सैंकड़ों में पहचाना जायेगा
आप हमारे दिल को चुरा के आँख चुराये जाते हैं
ये इक तरफ़ा रसम-ए-वफ़ा हम फिर भी निभाये जाते हैं
चाहत का दस्तूर है लेकिन, आपको ही मालूम नहीं
जिस महफ़िल में शमा हो, परवाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
भूली बिसरी यादें मेरे हँसते गाते बचपन की
रात बिरात चली आतीं हैं, नींद चुराने नैनन की
अब कह दूँगी, करते करते, कितने सावन बीत गये
जाने कब इन आँखों का शरमाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
अपनी-अपनी सब ने कह ली, लेकिन हम चुपचाप रहे
दर्द पराया जिसको प्यारा, वो क्या अपनी बात कहे
ख़ामोशी का ये अफ़साना रह जायेगा बाद मेरे
अपना के हर किसी को, बेगाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...
मेरे मन की गंगा - Mere Mann Ki Ganga [Bol Radha Bol] (Mukesh, Sangam)
04:33
Movie/Album: संगम (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, वैजंतीमाला
मेरे मन की गंगा और तेरे मन की जमुना का
बोल राधा बोल संगम होगा की नहीं
अरे बोल राधा बोल संगम होगा की नहीं
नहीं, कभी नहीं!
कितनी सदियाँ बीत गईं हैं, हाय तुझे समझाने में
मेरे जैसा धीरज वाला, है कोई और ज़माने में
दिल का बढ़ता बोझ कभी कम होगा की नहीं
बोल राधा बोल..
जा जा!
दो नदियों का मेल अगर इतना पावन कहलाता है
क्यों न जहाँ दो दिल मिलते हैं, स्वर्ग वहाँ बस जाता है
हर मौसम है प्यार का मौसम होगा की नहीं
बोल राधा बोल...
नहीं, नहीं, नहीं...
तेरी ख़ातिर मैं तड़पा ज्यूँ, जैसे धरती सावन को
राधा राधा एक रटन है साँस की आवन जावन को
पत्थर पिघले दिल तेरा नम होगा की नहीं
बोल राधा बोल...
जाओ न क्यों सताते हो!
होगा, होगा, होगा!
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, वैजंतीमाला
मेरे मन की गंगा और तेरे मन की जमुना का
बोल राधा बोल संगम होगा की नहीं
अरे बोल राधा बोल संगम होगा की नहीं
नहीं, कभी नहीं!
कितनी सदियाँ बीत गईं हैं, हाय तुझे समझाने में
मेरे जैसा धीरज वाला, है कोई और ज़माने में
दिल का बढ़ता बोझ कभी कम होगा की नहीं
बोल राधा बोल..
जा जा!
दो नदियों का मेल अगर इतना पावन कहलाता है
क्यों न जहाँ दो दिल मिलते हैं, स्वर्ग वहाँ बस जाता है
हर मौसम है प्यार का मौसम होगा की नहीं
बोल राधा बोल...
नहीं, नहीं, नहीं...
तेरी ख़ातिर मैं तड़पा ज्यूँ, जैसे धरती सावन को
राधा राधा एक रटन है साँस की आवन जावन को
पत्थर पिघले दिल तेरा नम होगा की नहीं
बोल राधा बोल...
जाओ न क्यों सताते हो!
होगा, होगा, होगा!
ओ मेरे सनम - O Mere Sanam (Lata, Mukesh, Sangam)
04:28
Movie/Album: संगम (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम
दो जिस्म मगर एक जान हैं हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
तन सौंप दिया, मन सौंप दिया
कुछ और तो मेरे पास नहीं
जो तुम से है मेरे हमदम
भगवान से भी वो आस नहीं
जिस दिन से हुए एक दूजे के
इस दुनिया से अनजान है हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
सुनते हैं प्यार की दुनिया में
दो दिल मुश्किल से समाते हैं
क्या गैर वहाँ अपनों तक के
साये भी न आने पाते हैं
हमने आखिर क्या देख लिया
क्या बात है क्यों हैरान है हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
मेरे अपने, अपना ये मिलन
संगम है ये गंगा जमुना का
जो सच है सामने आया है
जो बीत गया एक सपना था
ये धरती है इन्सानों की
कुछ और नहीं इन्सान हैं हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम
दो जिस्म मगर एक जान हैं हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
तन सौंप दिया, मन सौंप दिया
कुछ और तो मेरे पास नहीं
जो तुम से है मेरे हमदम
भगवान से भी वो आस नहीं
जिस दिन से हुए एक दूजे के
इस दुनिया से अनजान है हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
सुनते हैं प्यार की दुनिया में
दो दिल मुश्किल से समाते हैं
क्या गैर वहाँ अपनों तक के
साये भी न आने पाते हैं
हमने आखिर क्या देख लिया
क्या बात है क्यों हैरान है हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
मेरे अपने, अपना ये मिलन
संगम है ये गंगा जमुना का
जो सच है सामने आया है
जो बीत गया एक सपना था
ये धरती है इन्सानों की
कुछ और नहीं इन्सान हैं हम
एक दिल के दो अरमान हैं हम
ओ मेरे सनम...
हमने तुझको प्यार किया - Humne Tujhko Pyar Kiya (Mukesh, Dulha Dulhan)
04:20
Movie/Album: दूल्हा दुल्हन (1964)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मुकेश
हमने तुझको प्यार किया है जितना
कौन करेगा इतना, कौन करेगा इतना
तूने हम पर, लाख जफ़ा की, हमने अदा ही समझी
तुझसे कोई, भूल हुई तो, अपनी ख़ता ही समझी
सामने तेरे यूँ हँस-हँस के, लुटते रहे हम जितना
कौन लुटेगा इतना, कौन लुटेगा इतना
हमने तुझको प्यार...
प्यार पे मेरे, नाज़ तुम्हें था, याद करो वो नज़ारा
हाथ पे अपने, लिख लेते थे, जब तुम नाम हमारा
तेरी अदा के भोलेपन पे, मिटते रहे हम जितना
कौन मिटेगा इतना, कौन मिटेगा इतना
हमने तुझको प्यार...
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मुकेश
हमने तुझको प्यार किया है जितना
कौन करेगा इतना, कौन करेगा इतना
तूने हम पर, लाख जफ़ा की, हमने अदा ही समझी
तुझसे कोई, भूल हुई तो, अपनी ख़ता ही समझी
सामने तेरे यूँ हँस-हँस के, लुटते रहे हम जितना
कौन लुटेगा इतना, कौन लुटेगा इतना
हमने तुझको प्यार...
प्यार पे मेरे, नाज़ तुम्हें था, याद करो वो नज़ारा
हाथ पे अपने, लिख लेते थे, जब तुम नाम हमारा
तेरी अदा के भोलेपन पे, मिटते रहे हम जितना
कौन मिटेगा इतना, कौन मिटेगा इतना
हमने तुझको प्यार...
Friday, 29 July 2016
है दुनिया उसी की - Hai Duniya Usi Ki (Md.Rafi, Kashmir Ki Kali)
05:09
Movie/Album: कश्मीर की कली (1964)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी
है दुनिया उसी की, ज़माना उसी का
मोहब्बत में जो हो गया हो किसी का
लुटा जो मुसाफ़िर दिल के सफ़र में
है जन्नत यह दुनिया उसकी नज़र में
उसी ने है लूटा मज़ा ज़िंदगी का
मोहब्बत में जो...
है सजदे के काबिल हर वो दीवाना
के जो बन गया हो तसवीर-ए-जाना
करो एहतराम उसकी दीवानगी का
मोहब्बत में जो...
बर्बाद होना जिसकी अदा हो
दर्द-ए-मोहब्बत जिसकी दवा हो
सताएगा क्या ग़म उसे ज़िंदगी का
मोहब्बत में जो...
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी
है दुनिया उसी की, ज़माना उसी का
मोहब्बत में जो हो गया हो किसी का
लुटा जो मुसाफ़िर दिल के सफ़र में
है जन्नत यह दुनिया उसकी नज़र में
उसी ने है लूटा मज़ा ज़िंदगी का
मोहब्बत में जो...
है सजदे के काबिल हर वो दीवाना
के जो बन गया हो तसवीर-ए-जाना
करो एहतराम उसकी दीवानगी का
मोहब्बत में जो...
बर्बाद होना जिसकी अदा हो
दर्द-ए-मोहब्बत जिसकी दवा हो
सताएगा क्या ग़म उसे ज़िंदगी का
मोहब्बत में जो...
इशारों इशारों में दिल लेने वाले - Isharon Isharon Mein Dil Lene Waale (Md.Rafi, Asha Bhosle)
05:05
Movie/Album: कश्मीर की कली (1964)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले
इशारों इशारों में दिल लेने वाले
बता ये हुनर तूने सीखा कहाँ से
निगाहों निगाहों में जादू चलाना
मेरी जान सीखा है तुमने जहाँ से
मेरे दिल को तुम भा गए
मेरी क्या थी इस में खता
मुझसे जिसने तड़पा दिया
यही थी वो ज़ालिम अदा
ये राँझा की बातें, ये मजनू के किस्से
अलग तो नहीं हैं मेरी दास्तां से
इशारों इशारों में दिल...
मुहब्बत जो करते हैं वो
मुहब्बत जताते नहीं
धड़कने अपने दिल की कभी
किसी को सुनाते नहीं
मज़ा क्या रहा जब की खुद कर दिया हो
मुहब्बत का इज़हार अपनी ज़ुबां से
निगाहों निगाहों में...
माना की जान-ए-जहां
लाखों में तुम एक हो
हमारी निगाहों की भी
कुछ तो मगर दाद दो
बहारों को भी नाज़ जिस फूल पर था
वही फूल हमने चुना गुलसितां से
इशारों इशारों में दिल...
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले
इशारों इशारों में दिल लेने वाले
बता ये हुनर तूने सीखा कहाँ से
निगाहों निगाहों में जादू चलाना
मेरी जान सीखा है तुमने जहाँ से
मेरे दिल को तुम भा गए
मेरी क्या थी इस में खता
मुझसे जिसने तड़पा दिया
यही थी वो ज़ालिम अदा
ये राँझा की बातें, ये मजनू के किस्से
अलग तो नहीं हैं मेरी दास्तां से
इशारों इशारों में दिल...
मुहब्बत जो करते हैं वो
मुहब्बत जताते नहीं
धड़कने अपने दिल की कभी
किसी को सुनाते नहीं
मज़ा क्या रहा जब की खुद कर दिया हो
मुहब्बत का इज़हार अपनी ज़ुबां से
निगाहों निगाहों में...
माना की जान-ए-जहां
लाखों में तुम एक हो
हमारी निगाहों की भी
कुछ तो मगर दाद दो
बहारों को भी नाज़ जिस फूल पर था
वही फूल हमने चुना गुलसितां से
इशारों इशारों में दिल...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले - Meri Jaan Balle Balle (Md.Rafi, Asha Bhosle, Kashmir Ki Kali)
05:04
Movie/Album: कश्मीर की कली (1964)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले
हाए रे हाए
ये मेरे हाथ में तेरा हाथ, नए जज़्बात
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
हाए रे हाए
यही जज़्बात रहें दिन रात, तो फिर क्या बात
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
जब से दिल में तेरी तस्वीर बनी है
यूँ लगता है जैसे तक़दीर बनी है
जब से तू इस दिल का मेहमान हुआ है
जीवन में ख़ुशियों का सामान हुआ है
जितनी दूर नज़र मैं डालूँ चारों ओर बहार है
हाय रे हाय...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
तेरे घर शहनाई जिस रात बजेगी
तेरी मेरी जोड़ी क्या ख़ूब सजेगी
पूरे होंगे दिल के अरमान हमारे
आँचल में भर लेंगे हम चाँद सितारे
तेरे आगे चाँद सितारे, ओ गोरी, क्या चीज़ है
हाय रे हाय...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
तेरी सूरत प्यारी, अरे, जो भी देखे
सच कहता हूँ अपना ईमान ही खो दे
तेरी आँखों में भी, अरे वो जादू है
जब से आँख मिली है, दिल बेक़ाबू है
ख़ुद को खो कर तुझको पाया, क्या मेरी तक़दीर है
हाए रे हाए...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले
हाए रे हाए
ये मेरे हाथ में तेरा हाथ, नए जज़्बात
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
हाए रे हाए
यही जज़्बात रहें दिन रात, तो फिर क्या बात
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
जब से दिल में तेरी तस्वीर बनी है
यूँ लगता है जैसे तक़दीर बनी है
जब से तू इस दिल का मेहमान हुआ है
जीवन में ख़ुशियों का सामान हुआ है
जितनी दूर नज़र मैं डालूँ चारों ओर बहार है
हाय रे हाय...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
तेरे घर शहनाई जिस रात बजेगी
तेरी मेरी जोड़ी क्या ख़ूब सजेगी
पूरे होंगे दिल के अरमान हमारे
आँचल में भर लेंगे हम चाँद सितारे
तेरे आगे चाँद सितारे, ओ गोरी, क्या चीज़ है
हाय रे हाय...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
तेरी सूरत प्यारी, अरे, जो भी देखे
सच कहता हूँ अपना ईमान ही खो दे
तेरी आँखों में भी, अरे वो जादू है
जब से आँख मिली है, दिल बेक़ाबू है
ख़ुद को खो कर तुझको पाया, क्या मेरी तक़दीर है
हाए रे हाए...
मेरी जाँ बल्ले बल्ले!
सुभानअल्लाह हंसीं चेहरा - Subhanallah Hanseen Chehra (Md.Rafi, Kashmir Ki Kali)
05:02
Movie/Album: कश्मीर की कली (1964)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी
सुभान अल्लाह हाय
हंसीं चेहरा हाय
सुभान अल्लाह हसीं चेहरा
ये मस्ताना अदाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे हर बला से
हर बला से
तुम्हें देखा हाय
तो दिल बोला हाय
कि तुमको दूँ दुआएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
करे पूजा ज़माना जिसकी वो तस्वीर हो तुम
मिला करती है जन्नत जिससे वो तक़दीर हो तुम
क़मर पतली हाय
नज़र बिजली हाय
है ज़ुल्फ़ें या घटाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
न जाने किसकी क़िस्मत में है मुखड़ा चाँद सा ये
न जाने किसके घर चमकेगा टुकड़ा चाँद का ये
इजाज़त हो तो हाय
फिर हम भी हाय
मुक़द्दर आज़माएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
बड़ी हसरत से तुमको देखता है ये ज़माना
सुनाना चाहता है हर कोई अपना फ़साना
कोई दिल हो हाय
कोई महफ़िल हाय
जहाँ भी आप जाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मो.रफ़ी
सुभान अल्लाह हाय
हंसीं चेहरा हाय
सुभान अल्लाह हसीं चेहरा
ये मस्ताना अदाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे हर बला से
हर बला से
तुम्हें देखा हाय
तो दिल बोला हाय
कि तुमको दूँ दुआएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
करे पूजा ज़माना जिसकी वो तस्वीर हो तुम
मिला करती है जन्नत जिससे वो तक़दीर हो तुम
क़मर पतली हाय
नज़र बिजली हाय
है ज़ुल्फ़ें या घटाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
न जाने किसकी क़िस्मत में है मुखड़ा चाँद सा ये
न जाने किसके घर चमकेगा टुकड़ा चाँद का ये
इजाज़त हो तो हाय
फिर हम भी हाय
मुक़द्दर आज़माएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
बड़ी हसरत से तुमको देखता है ये ज़माना
सुनाना चाहता है हर कोई अपना फ़साना
कोई दिल हो हाय
कोई महफ़िल हाय
जहाँ भी आप जाएँ
ख़ुदा महफ़ूज़ रखे...
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