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Friday, 5 August 2016

जहाँ तेरी ये नज़र है - Jahan Teri Ye Nazar Hai (Kishore Kumar)

04:00
Movie/Album: कालिया (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

जहाँ तेरी ये नज़र है, मेरी जाँ मुझे ख़बर है
बच न सका कोई, आये कितने
लम्बे हैं मेरे हाथ इतने
देख इधर यार, ध्यान किधर है
जहाँ तेरी ये नज़र है...

क्यों नहीं जानी, तू ये समझता
काम नहीं ये, है तेरे बस का
कुकुड़ु कुकू!
होश में आ जा, ध्यान किधर है
जहाँ तेरी ये नज़र है...

मेरी तरफ़ जो उठा है तन के
कट के वही हाथ गिरा बदन से
सामने आये किसका जिगर है
जहाँ तेरी ये नज़र है...

चाल ये बन्दा ऐसी भी चल जाये
बन्द हो मुट्ठी और चीज़ निकल जाये
ये भी करिश्मा देख इधर है
जहाँ तेरी ये नज़र है...

Friday, 29 July 2016

जुस्तजू जिसकी थी - Justjoo Jiski Thi (Asha Bhosle, Umrao Jaan)

05:08
Movie/Album: उमराव जान (1981)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: शहरयार
Performed By: आशा भोंसले

जुस्तजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने

तुझको रुसवा न किया, खुद भी पशेमाँ न हुये
इश्क़ की रस्म को इस तरह निभाया हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

कब मिली थी कहाँ बिछड़ी थी, हमें याद नहीं
ज़िंदगी तुझको तो, बस ख़्वाब में देखा हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

ऐ अदा और सुनाये भी तो क्या हाल अपना
उम्र का लम्बा सफ़र तय किया तन्हा हमने
जुस्तजू जिसकी थी...

ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म - Zindagi Jab Bhi Teri Bazm (Talat Aziz, Umrao Jaan)

05:06
Movie/Album: उमराव जान (1981)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: शहरयार
Performed By: तलत अज़ीज़

ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें

सुर्ख फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें 
दिन ढले यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें 
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से 
रात के पिछले पहर रोज़ जगाती है हमें 
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है 
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
ज़िन्दगी जब भी तेरी...

ये क्या जगह है दोस्तों - Ye Kya Jagah Hai Doston (Asha Bhosle, Umrao Jaan)

04:49
Movie/Album: उमराव जान (1981)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: शहरयार
Performed By: आशा भोंसले

ये क्या जगह है दोस्तों, ये कौन सा दयार है 
हद-ए-निगाह तक जहाँ गुबार ही गुबार है 
ये क्या जगह है दोस्तों...

ये किस मकाम पर हयात, मुझको लेके आ गई
ना बस खुशी पे जहाँ, ना ग़म पे इख़्तियार है
ये क्या जगह है... 

तमाम उम्र का हिसाब मांगती है ज़िन्दगी 
ये मेरा दिल कहे तो क्या, ये खुद से शर्मसार है 
ये क्या जगह है...

बुला रहा क्या कोई चिलमनों के उस तरफ़ 
मेरे लिये भी क्या कोई उदास बेक़रार है
ये क्या जगह है...

न जिसकी शकल है कोई, न जिसका नाम है कोई
इक ऐसी शै का क्यों हमें अज़ल से इन्तज़ार है
ये क्या जगह है...

Friday, 24 June 2016

नये पुराने साल में - Naye Puraane Saal Mein (Kishore Kumar, Asha Bhosle)

02:58
Movie/Album: रक्षा (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले
नये पुराने साल में एक रात बाकी है
बाकी बातें हो चुकी, एक बात बाकी है
नये पुराने साल में...

कहीं है कोई अपना, कहीं कोई बेगाना
कैसे अपनी बात कहें आखिर दिल दीवाना
जल्दी क्या है, कह लेना मुलाकात बाकी है
नये पुराने साल में...

रात बनी है दुल्हन, खुश है चाँद सितारे
महफिल में आ बैठे, दुश्मन-दोस्त हमारे
अरे आने वाले दूल्हा की बारात बाकी है
नये पुराने साल में...

सबका दिल धड़काये, साल का आना जाना
हमसे बिछड़ रहा है, साथी एक पुराना
बस अब थोड़ी देर का, ये साथ बाकी है
नये पुराने साल में...

Tuesday, 14 June 2016

सोलह बरस की बाली- Solah Baras Ki Baali (Anup Jalota, Lata Mangeshkar, Ek Duje Ke Liye)

22:55
Movie/Album: एक दूजे के लिए (1981)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अनूप जलोटा, लता मंगेशकर

कोशिश कर के देख ले दरिया सारे नदिया सारी
दिल की लगी नहीं बुझती, बुझती है हर चिंगरी

सोलह बरस की बाली उमर को सलाम
प्यार तेरी पहली नज़र को सलाम

दुनिया में सब से पहले जिसने ये दिल दिया
दुनिया के सबसे पहले दिलबर को सलाम
दिल से निकलने वाले रस्ते का शुक्रिया
दिल तक पहुँचने वाली डगर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...

जिसमें जवान हो कर, बदनाम हम हुए
उस शहर, उस गली, उस घर को सलाम
जिसने हमें मिलाया, जिसने जुदा किया
उस वक़्त, उस घड़ी, उस गजर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...

मिलते रहे यहाँ हम, ये है यहाँ लिखा
उस लिखावट की ज़ेरो-जबर को सलाम
साहिल के रेत पे यूँ लहरा उठा ये दिल
सागर में उठने वाली हर लहर को सलाम
यूँ मस्त गहरी गहरी आँखों की झील में
जिसने हमें डुबोया उस भँवर को सलाम
घूँघट को छोड़ कर जो, सर से सरक गयी
ऐसी निगोड़ी धानी चुनर को सलाम
उल्फ़त के दुश्मनों ने कोशिश हज़ार की
फिर भी नहीं झुकी जो, उस नज़र को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...

Sunday, 12 June 2016

सारा ज़माना हसीनों का दीवाना - Sara Zamana Haseenon Ka Deewana (Kishore Kumar, Yaarana)

23:53
Movie/Album: याराना (1981)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: अनजान
Performed By: किशोर कुमार

हे सारा ज़माना, सारा ज़माना
हसीनों का दीवाना, हसीनों का दीवाना
ज़माना कहे फिर क्यों, ज़माना कहे फिर क्यों
बुरा है दिल लगाना, बुरा है दिल लगाना

ये कौन कह रहा है, तू आज प्यार कर ले
जो कभी भी ख़त्म न हो, वो एतबार कर ले
मान ले, मान ले मेरी बात, मेरी बात
सारा ज़माना, सारा ज़माना
हसीनो का दीवाना, हसीनो का दीवाना...

जब हुस्न ही नहीं तो, दुनिया में क्या कशिश है
दिल, दिल वही है जिसमें, कहीं प्यार की खलिश है
मान ले, मान ले मेरी बात, मेरी बात
हे सारा ज़माना, सारा ज़माना
हसीनो का दीवाना, हसीनो का दीवाना...

प्यार हमें किस मोड़ पे - Pyar Humein Kis Mod Pe (Satte Pe Satta)

23:52
Movie/Album: सत्ते पे सत्ता (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलशन बावरा
Performed By: किशोर कुमार, भूपिंदर, आर.डी.बर्मन

तुमने वो क्या देखा जो कहा दीवाना
हमको नहीं कुछ समझ ज़रा समझाना
प्यार में जब भी आँख कहीं लड़ जाये
तब धड़कन और बेचैनी बढ़ जाये
जब कोई गिनता है रातों को तारे
तब समझो उसे प्यार हो गया प्यारे

प्यार (तुम्हें) हमें किस मोड़ पे ले आया
कि दिल करे हाय, हाय
कोई तो बताए क्या होगा

बत्तियाँ बुझा दो
अरे कोई बत्ती तो बुझा दे यार
बत्तियाँ बुझा दो कि नींद नहीं आती है
बत्तियाँ बुझाने से भी नींद नहीं आयेगी
बत्तियाँ बुझाने वाली जाने कब आयेगी
श! श! श!
शोर न मचाओ वरना भाभी जाग जायेगी
प्यार तुम्हें किस मोड़ पे ले आया
कि दिल करे हाय, हाय
कोई ये बताये क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे...

आखिर क्या है (थी) ऐसी भी मजबूरी
मिल गए दिल अब भी क्यों है ये दूरी
अरे, दम है तो (उनसे) उनको छीन के ले आयेंगे
दी न घर वालों ने अगर मंज़ूरी
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
कि दिल करे हाय, हाय
कोई ये बताये क्या होगा

Saturday, 11 June 2016

मैंने पूछा चाँद से - Maine Poocha Chand Se (Md.Rafi, Abdullah)

00:35
Movie/Album: अब्दुल्लाह (1981)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

मैंने पूछा चाँद से के देखा है कहीं, मेरे यार सा हसीं
चाँद ne ने कहा, चाँदनी की कसम, नहीं, नहीं, नहीं

मैंने ये हिजाब तेरा ढूँढा, हर जगह शवाब तेरा ढूँढा
कलियों से मिसाल तेरी पूछी, फूलों में जवाब तेरा ढूँढा
मैंने पूछा बाग से फ़लक हो या ज़मीं, ऐसा फूल है कहीं
बाग ने कहा, हर कली की कसम, नहीं, नहीं, नहीं
मैंने पूछा चाँद से...

चाल है के मौज की रवानी, ज़ुल्फ़ है के रात की कहानी
होठ हैं के आईने कंवल के, आँख है के मयकदों की रानी
मैंने पूछा जाम से, फलक हो या ज़मीं, ऐसी मय भी है कहीं
जाम ने कहा, मयकशी की कसम, नहीं, नहीं, नहीं
मैंने पूछा चाँद से...

खूबसुरती जो तूने पाई, लूट गयी खुदा की बस खुदाई
मीर की ग़ज़ल कहूँ तुझे मैं, या कहूँ ख़याम ही रुबाई
मैं जो पूछूँ शायरों से ऐसा दिलनशी कोई शेर है कहीं
शायर कहे, शायरी की कसम, नहीं, नहीं, नहीं
मैंने पूछा चाँद से...