Movie/Album: एक दूजे के लिए (1981)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अनूप जलोटा, लता मंगेशकर
कोशिश कर के देख ले दरिया सारे नदिया सारी
दिल की लगी नहीं बुझती, बुझती है हर चिंगरी
सोलह बरस की बाली उमर को सलाम
प्यार तेरी पहली नज़र को सलाम
दुनिया में सब से पहले जिसने ये दिल दिया
दुनिया के सबसे पहले दिलबर को सलाम
दिल से निकलने वाले रस्ते का शुक्रिया
दिल तक पहुँचने वाली डगर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
जिसमें जवान हो कर, बदनाम हम हुए
उस शहर, उस गली, उस घर को सलाम
जिसने हमें मिलाया, जिसने जुदा किया
उस वक़्त, उस घड़ी, उस गजर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
मिलते रहे यहाँ हम, ये है यहाँ लिखा
उस लिखावट की ज़ेरो-जबर को सलाम
साहिल के रेत पे यूँ लहरा उठा ये दिल
सागर में उठने वाली हर लहर को सलाम
यूँ मस्त गहरी गहरी आँखों की झील में
जिसने हमें डुबोया उस भँवर को सलाम
घूँघट को छोड़ कर जो, सर से सरक गयी
ऐसी निगोड़ी धानी चुनर को सलाम
उल्फ़त के दुश्मनों ने कोशिश हज़ार की
फिर भी नहीं झुकी जो, उस नज़र को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
1981
,
Anand Bakshi
,
Anup Jalota
,
Ek Duje Ke Liye
,
Lakshmikant Pyarelal
,
Lata Mangeshkar
,
S
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अनूप जलोटा, लता मंगेशकर
कोशिश कर के देख ले दरिया सारे नदिया सारी
दिल की लगी नहीं बुझती, बुझती है हर चिंगरी
सोलह बरस की बाली उमर को सलाम
प्यार तेरी पहली नज़र को सलाम
दुनिया में सब से पहले जिसने ये दिल दिया
दुनिया के सबसे पहले दिलबर को सलाम
दिल से निकलने वाले रस्ते का शुक्रिया
दिल तक पहुँचने वाली डगर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
जिसमें जवान हो कर, बदनाम हम हुए
उस शहर, उस गली, उस घर को सलाम
जिसने हमें मिलाया, जिसने जुदा किया
उस वक़्त, उस घड़ी, उस गजर को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
मिलते रहे यहाँ हम, ये है यहाँ लिखा
उस लिखावट की ज़ेरो-जबर को सलाम
साहिल के रेत पे यूँ लहरा उठा ये दिल
सागर में उठने वाली हर लहर को सलाम
यूँ मस्त गहरी गहरी आँखों की झील में
जिसने हमें डुबोया उस भँवर को सलाम
घूँघट को छोड़ कर जो, सर से सरक गयी
ऐसी निगोड़ी धानी चुनर को सलाम
उल्फ़त के दुश्मनों ने कोशिश हज़ार की
फिर भी नहीं झुकी जो, उस नज़र को सलाम
ऐ प्यार तेरी पहली...
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