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Monday, 8 August 2016
मेरी पहले ही तंग थी चोली - Meri Pahle Hi Tang Thi Choli (Souten, Kishore, Anuradha)
04:27
Movie/Album: सौतन (1983)
Music By: उषा खन्ना
Lyrics By: सावन कुमार
Performed By: किशोर कुमार, अनुराधा पौड़वाल
रंग लाल पीला नीला हरा नीला
ओ मेरी पहले ही तंग थी चोली
ऊपर से आ गई बैरन होली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
मैं तो सरम से पानी पानी हो ली
हो तुझको सिलवा दूंगा नई चोली
के अब तू सोलह बरस की हो ली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
ओ हो बिना बन्दूक चल गई गोली
मेरी पहले ही तंग थी...
रंगीला रंगीला मौसम, रंगीला मौसम आया
तेरे मेरे प्यार के चर्चे होने लगे हैं गली गली
दुनिया वाले करने लगे हैं
बातें अब तो जली जली
ज़ुल्म तूने कर डाला...
साजन अब तो तुम बिन
हमसे रहा न जाएगा
जल्दी ही दीवाना तेरा
डोली लेकर आएगा
ज़ुल्म तूने कर डाला...
Music By: उषा खन्ना
Lyrics By: सावन कुमार
Performed By: किशोर कुमार, अनुराधा पौड़वाल
रंग लाल पीला नीला हरा नीला
ओ मेरी पहले ही तंग थी चोली
ऊपर से आ गई बैरन होली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
मैं तो सरम से पानी पानी हो ली
हो तुझको सिलवा दूंगा नई चोली
के अब तू सोलह बरस की हो ली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
ओ हो बिना बन्दूक चल गई गोली
मेरी पहले ही तंग थी...
रंगीला रंगीला मौसम, रंगीला मौसम आया
तेरे मेरे प्यार के चर्चे होने लगे हैं गली गली
दुनिया वाले करने लगे हैं
बातें अब तो जली जली
ज़ुल्म तूने कर डाला...
साजन अब तो तुम बिन
हमसे रहा न जाएगा
जल्दी ही दीवाना तेरा
डोली लेकर आएगा
ज़ुल्म तूने कर डाला...
Thursday, 28 July 2016
दयार-ए-दिल की रात में - Dayar-e-Dil Ki Raat Mein (Ghulam Ali, Asha Bhosle)
05:31
Movie/Album: मेराज-ए-गज़ल (1983)
Music By: गुलाम अली
Lyrics By: नासिर काज़मी
Performed By: गुलाम अली, आशा भोंसले
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक़्ल तो दिखा गया
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो छोटी छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
दयार-ए-दिल की...
जुदाइयों के ज़ख़्म, दर्द-ए-ज़िन्दगी ने भर दिये
तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया
दयार-ए-दिल की...
ये सुबहो की सफ़ेदियाँ ये दोपहर की ज़र्दियाँ
अब आईने में देखता हूँ मैं कहाँ चला गया
दयार-ए-दिल की...
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
वो लहर किस तरफ़ गई ये मैं कहाँ चला गया
दयार-ए-दिल की...
पुकारती हैं फ़ुर्सतें कहाँ गईं वो सोहबतें
ज़मीं निगल गई उन्हें या आसमान खा गया
दयार-ए-दिल की...
गए दिनों की लाश पर पड़े रहोगे कब तलक
अलम्कशो उठो कि आफ़ताब सर पे आ गया
दयार-ए-दिल की...
Music By: गुलाम अली
Lyrics By: नासिर काज़मी
Performed By: गुलाम अली, आशा भोंसले
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक़्ल तो दिखा गया
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो छोटी छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
दयार-ए-दिल की...
जुदाइयों के ज़ख़्म, दर्द-ए-ज़िन्दगी ने भर दिये
तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया
दयार-ए-दिल की...
ये सुबहो की सफ़ेदियाँ ये दोपहर की ज़र्दियाँ
अब आईने में देखता हूँ मैं कहाँ चला गया
दयार-ए-दिल की...
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
वो लहर किस तरफ़ गई ये मैं कहाँ चला गया
दयार-ए-दिल की...
पुकारती हैं फ़ुर्सतें कहाँ गईं वो सोहबतें
ज़मीं निगल गई उन्हें या आसमान खा गया
दयार-ए-दिल की...
गए दिनों की लाश पर पड़े रहोगे कब तलक
अलम्कशो उठो कि आफ़ताब सर पे आ गया
दयार-ए-दिल की...
Sunday, 12 June 2016
तू मइके मत जइयो - Tu Maike Mat Jaiyo (Amitabh Bachchan, Pukaar)
23:12
Movie/Album: पुकार (1983)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलशन बावरा
Performed By: अमिताभ बच्चन
तू मइके मत जइयो, मत जइयो मेरी जान
मत जइयो मेरी जान, तू मइके मत जइयो
जनवरी, फ़रवरी
जनवरी फ़रवरी के दो महीने लगती है मुझको सर्दी
तू क्या जाने, तू क्या जाने
तू क्या जाने सर्दी ने जो हालत पतली कर दी
तू मइके मत जइयो...
मार्च, अप्रैल में बहार कुछ ऐसे झूम के आये (कैसे?)
देख के तेरा, देख के तेरा
देख के तेरा गदरा बदन हाय जी मेरा ललचाये
तू मइके मत जइयो...
मई और जून का आता है जब रंगों भरा महीना
देख तेरा मलमल का कुरता, अरे छूटे मेरा पसीना
तू मइके मत जइयो...
जुलाई, अगस्त में सावन ऐसे रिमझिम रिमझिम बरसे
बन्द कमरे में, बन्द कमरे में!
बन्द कमरे में बैठेंगे हम निकलेंगे न घर से
तू मइके मत जइयो...
सेप्तम्बर, अक्तूबर का मौसम होता है प्यारा
सुनो मेरे लम्बू रे, सुनो मेरे मितवा
सुनो मेरा साथी रे
ऐसे में मैं, ऐसे में मैं
ऐसे में मैं रहूँ अकेला ये नहीं मुझे गंवारा
तू मइके मत जइयो...
हाय नवम्बर और दिसम्बर का तू पूछ न हाल
सच तो ये है, सच तो ये है
सच तो ये है पगली हम न बिछड़ें पूरा साल
तू मइके मत जइयो...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलशन बावरा
Performed By: अमिताभ बच्चन
तू मइके मत जइयो, मत जइयो मेरी जान
मत जइयो मेरी जान, तू मइके मत जइयो
जनवरी, फ़रवरी
जनवरी फ़रवरी के दो महीने लगती है मुझको सर्दी
तू क्या जाने, तू क्या जाने
तू क्या जाने सर्दी ने जो हालत पतली कर दी
तू मइके मत जइयो...
मार्च, अप्रैल में बहार कुछ ऐसे झूम के आये (कैसे?)
देख के तेरा, देख के तेरा
देख के तेरा गदरा बदन हाय जी मेरा ललचाये
तू मइके मत जइयो...
मई और जून का आता है जब रंगों भरा महीना
देख तेरा मलमल का कुरता, अरे छूटे मेरा पसीना
तू मइके मत जइयो...
जुलाई, अगस्त में सावन ऐसे रिमझिम रिमझिम बरसे
बन्द कमरे में, बन्द कमरे में!
बन्द कमरे में बैठेंगे हम निकलेंगे न घर से
तू मइके मत जइयो...
सेप्तम्बर, अक्तूबर का मौसम होता है प्यारा
सुनो मेरे लम्बू रे, सुनो मेरे मितवा
सुनो मेरा साथी रे
ऐसे में मैं, ऐसे में मैं
ऐसे में मैं रहूँ अकेला ये नहीं मुझे गंवारा
तू मइके मत जइयो...
हाय नवम्बर और दिसम्बर का तू पूछ न हाल
सच तो ये है, सच तो ये है
सच तो ये है पगली हम न बिछड़ें पूरा साल
तू मइके मत जइयो...
Thursday, 9 June 2016
जब हम जवां होंगे - Jab Hum Jawaan Honge (Lata Mangeshkar, Shabbir Kumar, Betaab)
03:33
Movie/Album: बेताब (1983)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शब्बीर कुमार
जब हम जवां होंगे, जाने कहाँ होंगे
लेकिन जहाँ होंगे, वहाँ फ़रियाद करेंगे
तुझे याद करेंगे
ये बचपन का प्यार अगर खो जाएगा
दिल कितना खाली खाली हो जाएगा
तेरे ख़यालों से इसे आबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
ऐसे हँसती थी, वो ऐसे चलती थी
चाँद के जैसे छुपती और निकलती थी
सबसे तेरी बातें, तेरे बाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
तेरे शबनमी ख्वाबों की तस्वीरों से
तेरी रेशमी ज़ुल्फों की ज़ंजीरों से
कैसे हम अपने आप को आज़ाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
जहर जुदाई का पीना पड़ जाए तो
बिछड़ के भी हमको जीना पड़ जाए तो
सारी जवानी बस यूँ ही बरबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शब्बीर कुमार
जब हम जवां होंगे, जाने कहाँ होंगे
लेकिन जहाँ होंगे, वहाँ फ़रियाद करेंगे
तुझे याद करेंगे
ये बचपन का प्यार अगर खो जाएगा
दिल कितना खाली खाली हो जाएगा
तेरे ख़यालों से इसे आबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
ऐसे हँसती थी, वो ऐसे चलती थी
चाँद के जैसे छुपती और निकलती थी
सबसे तेरी बातें, तेरे बाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
तेरे शबनमी ख्वाबों की तस्वीरों से
तेरी रेशमी ज़ुल्फों की ज़ंजीरों से
कैसे हम अपने आप को आज़ाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
जहर जुदाई का पीना पड़ जाए तो
बिछड़ के भी हमको जीना पड़ जाए तो
सारी जवानी बस यूँ ही बरबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे...
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