Movie/Album: इक़बाल (2006)
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: इरफ़ान सिद्दीकी
Performed By: के.के., क्लिंटन सेरेजो
कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं
हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं
तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी, नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की...
उड़ जाए लेके ख़ुशी, अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो, पूरी हो तेरी हर दुआ
आशाएँ खिले दिल की...
गुज़रे ऐसी हर रात रात, हो ख्वाहिशों से बात बात
ले कर सूरज से आग आग, गाये जा अपना राग राग
कुछ ऐसा करके दिखा, खुद खुश हो जाए खुदा
आशाएँ खिले दिल की...
तेरी वो रफ़्तार हो, रोके से भी तू ना रुके
हासिल कर ऐसा शिखर, परबत की भी नज़रें उठे
आशाएं खिले दिल की...
2006
,
A
,
Clinton Cerejo
,
Iqbal
,
Irfan Siddqui
,
K
,
K.K.
,
KK
,
Salim Merchant
,
Salim Sulaiman
Music By: सलीम-सुलेमान
Lyrics By: इरफ़ान सिद्दीकी
Performed By: के.के., क्लिंटन सेरेजो
कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं
हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं
तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी, नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की...
उड़ जाए लेके ख़ुशी, अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो, पूरी हो तेरी हर दुआ
आशाएँ खिले दिल की...
गुज़रे ऐसी हर रात रात, हो ख्वाहिशों से बात बात
ले कर सूरज से आग आग, गाये जा अपना राग राग
कुछ ऐसा करके दिखा, खुद खुश हो जाए खुदा
आशाएँ खिले दिल की...
तेरी वो रफ़्तार हो, रोके से भी तू ना रुके
हासिल कर ऐसा शिखर, परबत की भी नज़रें उठे
आशाएं खिले दिल की...
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