Movie/Album: मोहब्बतें (2000)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: उदित नारायण, शाहरुख़ खान, श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, पृथा मजुमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान
एक लड़की थी दीवानी सी, एक लड़के पे वो मरती थी
नजरें झुका के, शर्मा के गलियों से गुजरती थी
चोरी-चोरी चुपके-चुपके चिठ्ठियाँ लिखा करती थी
कुछ कहना था शायद उसको, जाने किससे डरती थी
जब भी मिलती थी मुझसे, मुझसे पूछा करती थी
प्यार कैसे होता है? ये प्यार कैसे होता है?
और मैं सिर्फ यही कह पाता था
आँखें खुली हो या हो बंद
दीदार उनका होता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा
ये प्यार कैसे होता है
आज ही यारों किसी पे मर के देखेंगे हम
प्यार होता है ये कैसे कर के देखेंगे हम
किसी की यादों में खोए हुए, ख्वाबों को हमने सज़ा लिया
किसी की बाहों में सोए हुए, अपना उससे बना लिया
ऐ यार प्यार में कोई
ऐ यार प्यार में कोई ना जागता ना सोता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा ये प्यार कैसे होता है
आँखें खुली हो या हो बंद...
क्या है जादू है कोई, बस जो चल जाता है
तोड़ के पहरे हज़ारों, दिल निकल जाता है
दूर कहीं आसमानों पर होते हैं ये सारे फ़ैसले
कौन जाने कोई हमसफ़र कब कैसे कहाँ मिले
जो नाम दिल पे हो लिखा
जो नाम दिल पे हो लिखा, इकरार उससी से होता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा, ये प्यार कैसे होता है
आँखें खुली हो या हो बंद...
2000
,
A
,
Anand Bakshi
,
Jatin-Lalit
,
Mohabbatein
,
Shahrukh Khan
,
Udit Narayan
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: उदित नारायण, शाहरुख़ खान, श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, पृथा मजुमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान
एक लड़की थी दीवानी सी, एक लड़के पे वो मरती थी
नजरें झुका के, शर्मा के गलियों से गुजरती थी
चोरी-चोरी चुपके-चुपके चिठ्ठियाँ लिखा करती थी
कुछ कहना था शायद उसको, जाने किससे डरती थी
जब भी मिलती थी मुझसे, मुझसे पूछा करती थी
प्यार कैसे होता है? ये प्यार कैसे होता है?
और मैं सिर्फ यही कह पाता था
आँखें खुली हो या हो बंद
दीदार उनका होता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा
ये प्यार कैसे होता है
आज ही यारों किसी पे मर के देखेंगे हम
प्यार होता है ये कैसे कर के देखेंगे हम
किसी की यादों में खोए हुए, ख्वाबों को हमने सज़ा लिया
किसी की बाहों में सोए हुए, अपना उससे बना लिया
ऐ यार प्यार में कोई
ऐ यार प्यार में कोई ना जागता ना सोता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा ये प्यार कैसे होता है
आँखें खुली हो या हो बंद...
क्या है जादू है कोई, बस जो चल जाता है
तोड़ के पहरे हज़ारों, दिल निकल जाता है
दूर कहीं आसमानों पर होते हैं ये सारे फ़ैसले
कौन जाने कोई हमसफ़र कब कैसे कहाँ मिले
जो नाम दिल पे हो लिखा
जो नाम दिल पे हो लिखा, इकरार उससी से होता है
कैसे कहूँ मैं ओ यारा, ये प्यार कैसे होता है
आँखें खुली हो या हो बंद...
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