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Wednesday, 8 June 2016
चांदनिया - Chandaniya (Mohan Kanan,Yashita Sharma, 2 States)
02:23
Movie/Album: २ स्टेट्स (2014)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: मोहन कन्नन, यशिता शर्मा
तुझ बिन सूरज में आग नहीं रे
तुझ बिन कोयल में राग नहीं रे
चाँदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने
हाँ तुझ बिन फागुन में फाग नहीं रे
हाँ तुझ बिन जागे भी जाग नहीं रे
तेरे बिना ओ माहिया
दिन दरिया, रैन जज़ीरे लगदे ने
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी
अधूरा अलविदा
यूँ ही यूँ ही रैना जाए अधूरे सदा
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी...
ओ चांदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने
केड़ी तेरी नाराज़गी, गल सुन ले राज़ की
जिस्म ये क्या है खोखली सीपी, रूह दा मोती है तू
गरज़ हो जितनी तेरी, बदले में जिंदड़ी मेरी
मेरे सारे बिखरे सुरों से, गीत पिरोती है तू
ओ माहिया तेरे सितम, तेरे करम
दोनों लुटेरे लगदे ने
तुझ बिन सूरज में...
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: मोहन कन्नन, यशिता शर्मा
तुझ बिन सूरज में आग नहीं रे
तुझ बिन कोयल में राग नहीं रे
चाँदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने
हाँ तुझ बिन फागुन में फाग नहीं रे
हाँ तुझ बिन जागे भी जाग नहीं रे
तेरे बिना ओ माहिया
दिन दरिया, रैन जज़ीरे लगदे ने
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी
अधूरा अलविदा
यूँ ही यूँ ही रैना जाए अधूरे सदा
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी...
ओ चांदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने
केड़ी तेरी नाराज़गी, गल सुन ले राज़ की
जिस्म ये क्या है खोखली सीपी, रूह दा मोती है तू
गरज़ हो जितनी तेरी, बदले में जिंदड़ी मेरी
मेरे सारे बिखरे सुरों से, गीत पिरोती है तू
ओ माहिया तेरे सितम, तेरे करम
दोनों लुटेरे लगदे ने
तुझ बिन सूरज में...
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