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Tuesday, 14 June 2016
जो बात तुझमें है - Jo Baat Tujhmein Hai (Md.Rafi, Taj Mahal)
23:17
Movie/Album: ताज महल (1963)
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी
जो बात तुझमें है, तेरी तस्वीर में नहीं
रंगों में तेरा अक्स ढाला, तू ना ढल सकी
साँसों की आँच, जिस्म की खुशबू ना ढल सकी
तुझ में जो लोच है, मेरी तहरीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
बेजान हुस्न में कहाँ, रफ़्तार की अदा
इन्कार की अदा है ना इकरार की अदा
कोई लचक भी जुल्फ-ए-गिरहगीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
दुनियाँ में कोई चीज़ नहीं है तेरी तरह
फिर एक बार सामने आजा किसी तरह
क्या और इक झलक मेरी तकदीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी
जो बात तुझमें है, तेरी तस्वीर में नहीं
रंगों में तेरा अक्स ढाला, तू ना ढल सकी
साँसों की आँच, जिस्म की खुशबू ना ढल सकी
तुझ में जो लोच है, मेरी तहरीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
बेजान हुस्न में कहाँ, रफ़्तार की अदा
इन्कार की अदा है ना इकरार की अदा
कोई लचक भी जुल्फ-ए-गिरहगीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
दुनियाँ में कोई चीज़ नहीं है तेरी तरह
फिर एक बार सामने आजा किसी तरह
क्या और इक झलक मेरी तकदीर में नहीं
जो बात तुझमें है...
जो वादा किया वो - Jo Waada Kiya Wo (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Taj Mahal)
23:13
Movie/Album: ताज महल (1963)
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा
रोके ज़माना चाहे, रोके खुदाई, तुमको आना पड़ेगा
तरसती निगाहों ने आवाज दी है
मोहब्बत की राहों ने आवाज दी है
जान-ए-हया, जान-ए-अदा छोड़ो तरसाना
तुमको आना पडेगा...
ये माना हमे जां से जाना पड़ेगा
पर ये समझ लो तुमने जब भी पुकारा
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हम अपनी वफ़ा पे ना इलज़ाम लेंगे
तुम्हें दिल दिया है, तुम्हें जां भी देंगे
जब इश्क का सौदा किया, फिर क्या घबराना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
चमकते हैं जब तक ये चाँद और तारे
ना टूटेंगे अब ऐह दो पैमां हमारे
एक दूसरा जब दे सदा, हो के दीवाना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
Sad
सभी ऐहले दुनिया ये कहते हैं हमसे
के आता नहीं कोई मुल्क-ए-अदम से
आज ज़रा शान-ए-वफ़ा देखे
तुमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हम आते रहे हैं, हम आते रहेंगे
मुहब्बत की रस्में निभाते रहेंगे
जान-ए-वफ़ा तुम दो सदा होके दीवाना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हमारी कहानी तुम्हारा फ़साना
हमेशा हमेशा कहेगा ज़माना
कैसी बला, कैसी सज़ा, हमको है आना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा
रोके ज़माना चाहे, रोके खुदाई, तुमको आना पड़ेगा
तरसती निगाहों ने आवाज दी है
मोहब्बत की राहों ने आवाज दी है
जान-ए-हया, जान-ए-अदा छोड़ो तरसाना
तुमको आना पडेगा...
ये माना हमे जां से जाना पड़ेगा
पर ये समझ लो तुमने जब भी पुकारा
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हम अपनी वफ़ा पे ना इलज़ाम लेंगे
तुम्हें दिल दिया है, तुम्हें जां भी देंगे
जब इश्क का सौदा किया, फिर क्या घबराना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
चमकते हैं जब तक ये चाँद और तारे
ना टूटेंगे अब ऐह दो पैमां हमारे
एक दूसरा जब दे सदा, हो के दीवाना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
Sad
सभी ऐहले दुनिया ये कहते हैं हमसे
के आता नहीं कोई मुल्क-ए-अदम से
आज ज़रा शान-ए-वफ़ा देखे
तुमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हम आते रहे हैं, हम आते रहेंगे
मुहब्बत की रस्में निभाते रहेंगे
जान-ए-वफ़ा तुम दो सदा होके दीवाना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
हमारी कहानी तुम्हारा फ़साना
हमेशा हमेशा कहेगा ज़माना
कैसी बला, कैसी सज़ा, हमको है आना
हमको आना पड़ेगा
जो वादा किया वो...
Monday, 13 June 2016
पाँव छू लेने दो - Paaon Chhoo Lene Do (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Taj Mahal)
00:26
Movie/Album: ताज महल (1963)
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी
वरना हमको नहीं, इनको भी शिकायत होगी
आप जो फूल बिछाए, उन्हें हम ठुकराएँ
हमको डर है, के ये तौहीन-ए-मोहब्बत होगी
दिल की बेचैन उमंगो पे करम फरमाओ
इतना रुक रुक, के चलोगी तो क़यामत होगी
पाँव छू लेने दो...
शर्म रोके हैं इधर, शौक उधर खेंचे हैं
क्या खबर थी, कभी इस दिल की ये हालात होगी
शर्म गैरों से हुआ करती है अपनों से नहीं
शर्म हमसे भी करोगी तो मुसीबत होगी
पाँव छू लेने दो...
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी
वरना हमको नहीं, इनको भी शिकायत होगी
आप जो फूल बिछाए, उन्हें हम ठुकराएँ
हमको डर है, के ये तौहीन-ए-मोहब्बत होगी
दिल की बेचैन उमंगो पे करम फरमाओ
इतना रुक रुक, के चलोगी तो क़यामत होगी
पाँव छू लेने दो...
शर्म रोके हैं इधर, शौक उधर खेंचे हैं
क्या खबर थी, कभी इस दिल की ये हालात होगी
शर्म गैरों से हुआ करती है अपनों से नहीं
शर्म हमसे भी करोगी तो मुसीबत होगी
पाँव छू लेने दो...
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