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Tuesday, 26 July 2016

तू नहीं कुछ नहीं - Tu Nahin Kuch Nahin (Satya 2, Leonard Victor, Shweta Pandit)

04:42
Movie/Album: सत्या २ (2013)
Music By: नितिन रायक्वर
Lyrics By: नितिन रायक्वर
Performed By: लीयोनार्ड विक्टर, श्वेता पंडित

तू नहीं, कुछ नहीं
कुछ नहीं, तू नहीं
सुनूँ न कुछ तेरे सिवा
कहूँ न कुछ तेरे सिवा
रहे ज़मीं या आसमां
न मैं रहूँ तेरे सिवा

तेरे सिवा न मैं रहूँ, न तू रहे मेरे सिवा
जहाँ भी ये ज़मीं रहे, जहाँ भी आसमां रहे
जो तू रहे, तो मैं रहूँ, मेरी सदा यही कहे
मेरे कदम वहीँ चले, जहाँ तेरे कदम चले
तू नहीं...

तेरी ये निगाहें, मुझको बताएँ
प्यार तेरा कितना प्यारा
तेरी ये दो बाहें, जन्नतों की राहें
प्यार की बहती जहाँ धारा
मिला है मुझे प्यार इतना की मैं
हर पल को जीती हूँ
पता नहीं क्या नाम मेरा
तेरा ही नाम लेता हूँ
मैं बस तेरा ही रूप हूँ
मैं बस तेरा ही रंग हूँ
मैं मेरे साथ हूँ नहीं
मैं बस तेरे ही संग हूँ
तू संग है तो है हँसी
तू संग है तो है खुशी
तू संग है तो संग मैं
नहीं तो क्या ये ज़िन्दगी
तू नहीं...

तुझसे शुरू हो, तुझसे खतम हो
चाहे एक पल का जीवन हो
मेरा भी है कहना, तेरे संग रहना
तुझसे ही मेरा संगम हो
तू ही तो मेरी आस है, प्यास है
मेरा एहसास है
तू ही तो मेरी साँसों की डोर है
तू खास है
मैं हूँ तो बस तेरे लिए
मैं हूँ नहीं मेरे लिए
मैं तू हूँ खुद में देख ले
ज़रा लगा मुझे गले
नहीं कहो मैं वो कहूँ
तेरे लिए मैं क्या कहूँ
कहूँ तो बस यही कहूँ
यही कहूँ तेरे लिए
तू नहीं...

Tuesday, 21 June 2016

हीरा सोई सराहिये - Heera Soyi Sarahiye (Shweta Pandit, Highway)

23:52
Movie/Album: हाईवे (2014)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: संत कबीर
Performed By: श्वेता पंडित

हीरा सोई सराहिये
सहे घनन की चोट
कपट को रंगे मानवा
परखत निकरा खोट

हीरा तहाँ ना खोलिये
जहाँ कुंजड़ों की हाट
सहजे गाँठि बाँधी के
लगिये अपनी बात
हीरा सोई सराहिये...

हीरा परा बाजार में
रहा छार लपटाय
केतिहे मूरख पची मुए
कोई पारखी लिया उठाय
हीरा सोई सराहिये...

Saturday, 4 June 2016

चलते चलते यूँ ही - Chalte Chalte Yun Hi (Mohabbatein)

23:32
Movie/Album: मोहब्बतें (2000)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: आनंद बक्षी 
Performed By: श्वेता पंडित, सोनाली भटवडेकर, पृथा मजुमदार, उद्भव, मनोहर शेट्टी, ईशान

चलते चलते यूँ ही रुक जाता हूँ मैं
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं
क्या यही प्यार है, क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है, हाँ यही प्यार है

तुमपे मरते हैं क्यों, हम नहीं जानते
ऐसा करते हैं क्यों, हम नहीं जानते
बंद गलियों से छुप छुप के, हम गुज़रने लगे
सारी दुनिया से रह रह कर, हम तो डरने लगे
हाय ये क्या करने लगे
क्या यही प्यार है...

तेरी बातों में ये, इक शरारत सी है
मेरे होंठों पे ये, इक शिकायत सी है
तेरी आँखों को आँखों से, चूमने हम लगे
तुझको बाहों में ले लेकर, झूमने हम लगे
हाय ये क्या करने लगे
क्या यही प्यार है...