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Wednesday, 22 June 2016
ज़हनसीब - Zehnaseeb (Chinmayi Sripada, Shekhar, Hasee Toh Phasee)
00:55
Movie/Album: हँसी तो फँसी (2014)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: चिन्मयी श्रीपद, शेखर रव्जियानी
ज़हनसीब, ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब, मेरे हबीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
तेरे संग बीते हर लम्हे पे हमको नाज़ है
तेरे संग जो न बीते उसपे ऐतराज़ है
इस क़दर हम दोनों का मिलना एक राज़ है
हुआ अमीर दिल ग़रीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब...
लेना-देना नहीं दुनिया से मेरा बस तुझसे काम है
तेरी अँखियों से शहर में यारा सब इंतज़ाम है
ख़ुशियों का एक टुकड़ा मिले या मिले ग़म की खुरचने
यारा तेरे मेरे खर्चे में दोनों का ही एक दाम है
होना लिखा था यूँ ही जो हुआ
या होते-होते अभी अनजाने में हो गया
जो भी हुआ, हुआ अजीब
तुझे चाहूं बेतहाशा ज़हनसीब...
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: चिन्मयी श्रीपद, शेखर रव्जियानी
ज़हनसीब, ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब, मेरे हबीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
तेरे संग बीते हर लम्हे पे हमको नाज़ है
तेरे संग जो न बीते उसपे ऐतराज़ है
इस क़दर हम दोनों का मिलना एक राज़ है
हुआ अमीर दिल ग़रीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब...
लेना-देना नहीं दुनिया से मेरा बस तुझसे काम है
तेरी अँखियों से शहर में यारा सब इंतज़ाम है
ख़ुशियों का एक टुकड़ा मिले या मिले ग़म की खुरचने
यारा तेरे मेरे खर्चे में दोनों का ही एक दाम है
होना लिखा था यूँ ही जो हुआ
या होते-होते अभी अनजाने में हो गया
जो भी हुआ, हुआ अजीब
तुझे चाहूं बेतहाशा ज़हनसीब...
Monday, 13 June 2016
दुआ - Duaa (Nandini, Arijit, Shekhar, Shanghai)
00:37
Movie/Album: शंघाई (2012)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: कुमार
Performed By: नंदिनी श्रीकर, अरिजीत सिंह, शेखर रवजियानी
किसे पूछूं, है ऐसा क्यूं?
बेजुबां सा, ये जहां है
खुशी के पल, कहाँ ढूँढूं?
बेनिशां सा, वक़्त भी यहाँ है
जाने कितने लबों पे गिले हैं
ज़िन्दगी से कई फासले हैं
पसीजते हैं सपने क्यूं आँखों में
लकीरें जब छूते इन हाथों से यूं बेवजह
जो भेजी थी दुआ
वो जाके आसमां से यूं टकरा गयी
की आ गयी है लौट के सदा
सांसों ने कहाँ रुख मोड़ लिया
कोई राह नज़र में न आये
धड़कन ने कहाँ दिल छोड़ दिया
कहाँ छोड़े इन जिस्मों ने साये
यही बार-बार सोचता हूँ तन्हाँ मैं यहाँ
मेरे साथ-साथ चल रहा है यादों का धुआँ
जो भेजी थी दुआ...
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: कुमार
Performed By: नंदिनी श्रीकर, अरिजीत सिंह, शेखर रवजियानी
किसे पूछूं, है ऐसा क्यूं?
बेजुबां सा, ये जहां है
खुशी के पल, कहाँ ढूँढूं?
बेनिशां सा, वक़्त भी यहाँ है
जाने कितने लबों पे गिले हैं
ज़िन्दगी से कई फासले हैं
पसीजते हैं सपने क्यूं आँखों में
लकीरें जब छूते इन हाथों से यूं बेवजह
जो भेजी थी दुआ
वो जाके आसमां से यूं टकरा गयी
की आ गयी है लौट के सदा
सांसों ने कहाँ रुख मोड़ लिया
कोई राह नज़र में न आये
धड़कन ने कहाँ दिल छोड़ दिया
कहाँ छोड़े इन जिस्मों ने साये
यही बार-बार सोचता हूँ तन्हाँ मैं यहाँ
मेरे साथ-साथ चल रहा है यादों का धुआँ
जो भेजी थी दुआ...
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