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Sunday, 12 June 2016

दे दे प्यार दे - De De Pyar De (Kishore Kumar, Sharaabi)

23:27
Movie/Album: शराबी (1984)
Music By: बप्पी लाहिरी
Lyrics By: अनजान
Performed By: किशोर कुमार

मीना, अरे मीना
आ गया तेरा दीवाना
बता, बता, अरे कहाँ है तेरा ठिकाना?

हम बन्दे हैं प्यार के मांगें सबकी खैर
अपनी सबसे दोस्ती, नहीं किसी से बैर

दे दे प्यार दे, प्यार दे, प्यार दे दे, हमें प्यार दे
दुनिया वाले कुछ भी समझें हम हैं प्रेम दीवाने
जहाँ भी जाएँ तुझे पुकारें गा के प्रेम तराने
दे दे प्यार दे...

अरे आने को तो रोज़ हैं आते सूरज, चाँद, सितारे
हाँ फिर भी अँधेरी है ये दुनिया तू ही राह दिखा रे
प्रेम, प्यार, सुख, चैन की बरखा तेरी नज़र से बरसे
ये दुख-दर्द की आग में भी कोई दिल ना प्यासा तरसे
दे दे प्यार दे...

अरे यहाँ दिलों के बीच खड़ी जो वो दीवार गिरा दे
हाँ दिल में सोई-सोई ऐसी प्यार की जोत जगा दे
प्यार हो दिल में तो लगती है सारी दुनिया प्यारी
हम सारी दुनिया के हैं, सारी दुनिया हमारी
दे दे प्यार दे...

मंजिलें अपनी जगह - Manzilein Apni Jagah (Kishore Kumar, Sharaabi)

23:06
Movie/Album: शराबी (1984)
Music By: बप्पी लाहिरी
Lyrics By: अनजान
Performed By: किशोर कुमार

मंज़िलों पे आ के लुटते, हैं दिलों के कारवाँ
कश्तियाँ साहिल पे अक्सर, डूबती है प्यार की

मंज़िलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह
जब कदम ही साथ ना दे, तो मुसाफिर क्या करे
यूं तो है हमदर्द भी और हमसफ़र भी है मेरा
बढ़ के कोई हाथ ना दे, दिल भला फिर क्या करे

डूबने वाले को तिनके का सहारा ही बहुत
दिल बहल जाए फ़क़त इतना इशारा ही बहुत
इतने पर भी आसमां वाला गिरा दे बिजलियाँ
कोई बतला दे ज़रा ये डूबता फिर क्या करे
मंजिलें अपनी जगह...

प्यार करना जुर्म है तो, जुर्म हमसे हो गया
काबिल-ए-माफी हुआ, करते नहीं ऐसे गुनाह
तंगदिल है ये जहां और संगदिल मेरा सनम
क्या करे जोश-ए-जुनूं और हौसला फिर क्या करे
मंज़िलें अपनी जगह...

Wednesday, 8 June 2016

इन्तेहाँ हो गई इंतज़ार की - Intehaan Ho Gayi Intezaar Ki (Kishore, Asha, Sharaabi)

04:46
Movie/Album: शराबी (1984)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: अनजान
Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले

इम्तेहां हो गई इंतज़ार की
आई ना कुछ खबर, मेरे यार की
ये हमें है यक़ीन, बेवफा वो नहीं
फिर वजह क्या हुई, इंतज़ार की
इम्तेहां हो गई...

बात जो है उसमें, बात वो यहाँ कहीं नहीं किसी में
वो है मेरी, बस है मेरी, शोर है यही गली गली में
साथ साथ वो है मेरे गम में, मेरे दिल की हर खुशी में
ज़िन्दगी में वो नहीं, तो कुछ नहीं है मेरी ज़िंदगी में
बुझ न जाए ये शमा, ऐतबार की
इन्तहां हो गई...

ओ, मेरे सजना, लो मैं आ गई
ओ, लोगों ने तो दिए होंगे, बड़े बड़े नज़राने
लाई हूँ मैं तेरे लिए दिल मेरा
दिल यही माँगे दुआ हम कभी हो न जुदा
मेरा है मेरा ही रहे दिल तेरा
ये मेरी ज़िन्दगी है तेरी
ये मेरी ज़िन्दगी है तेरी
तू मेरा सपना, मैं तुझे पा गई
ओ, मेरे सजना, लो मैं आ गई

ग़मों के अंधेरे ढले, बुझते सितारे जले
देखा तुझे तो दिलों में जान आई
होठों पे तराने जागे, अरमां दीवाने जागे
बाहों में आ के तू ऐसे शरमाई
छा गई, फिर वही बेखुदी
छा गई, फिर वही बेखुदी
ला ला, ला ला...

वो घड़ी खो गई इंतज़ार की
आ गई रुत हसीं, वस्ल-ए-यार की
ये नशा, ये खुशी, अब ना कम हो कभी
उम्र भर ना ढले, रात प्यार की
रात प्यार की, रात प्यार की