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Friday, 5 August 2016
मैं ना भूलूँगा, मैं ना भूलूंगी - Main Na Bhoolunga, Main Na Bhoolungi (Mukesh, Lata)
04:14
Movie/Album: रोटी कपड़ा और मकान (1974)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
मैं ना भूलूंगा, मैं ना भूलूंगी
इन रस्मों को, इन कसमों को
इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूंगा...
चलो जग को भूले, ख़यालों में झूले
बहारों में डोले, सितारों को छू ले
आ तेरी मैं माँग सवारूँ , तू दुल्हन बन जा
माँग से जो दुल्हन का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
समय की धारा में, उमर बह जानी है
जो घड़ी जी लेंगे, वही रह जानी है
मैं बन जाऊँ साँस आखिरी, तू जीवन बन जा
जीवन से साँसों का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
बरसता सावन हो, महकता आँगन हो
कभी दिल दूल्हा हो, कभी दिल दुल्हन हो
गगन बन कर झूमें, पवन बन कर घूमे
चलो राहे मोड़ें, कभी ना संग छोड़ें
कहीं पे छुप जाना हैं, नज़र नहीं आना हैं
कहीं पे बस जायेंगे, ये दिन कट जायेंगे
अरे क्या बात चली, वो देखो रात ढली
ये बातें चलती रहें, ये रातें ढलती रहें
मैं मन को मंदिर कर डालू, तू पूजन बन जा
मंदिर से पूजा का रिश्ता मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
मैं ना भूलूंगा, मैं ना भूलूंगी
इन रस्मों को, इन कसमों को
इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूंगा...
चलो जग को भूले, ख़यालों में झूले
बहारों में डोले, सितारों को छू ले
आ तेरी मैं माँग सवारूँ , तू दुल्हन बन जा
माँग से जो दुल्हन का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
समय की धारा में, उमर बह जानी है
जो घड़ी जी लेंगे, वही रह जानी है
मैं बन जाऊँ साँस आखिरी, तू जीवन बन जा
जीवन से साँसों का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
बरसता सावन हो, महकता आँगन हो
कभी दिल दूल्हा हो, कभी दिल दुल्हन हो
गगन बन कर झूमें, पवन बन कर घूमे
चलो राहे मोड़ें, कभी ना संग छोड़ें
कहीं पे छुप जाना हैं, नज़र नहीं आना हैं
कहीं पे बस जायेंगे, ये दिन कट जायेंगे
अरे क्या बात चली, वो देखो रात ढली
ये बातें चलती रहें, ये रातें ढलती रहें
मैं मन को मंदिर कर डालू, तू पूजन बन जा
मंदिर से पूजा का रिश्ता मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...
Saturday, 23 July 2016
ये गलियाँ ये चौबारा - Ye Galiyan Ye Chaubara (Lata Mangeshkar, Prem Rog)
02:16
Movie/Album: प्रेम रोग (1982)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर
ये गलियाँ ये चौबारा, यहाँ आना न दोबारा
अब हम तो भए परदेसी, के तेरा यहाँ कोई नहीं
ले जा रँग-बिरंगी यादें, हँसने रोने की बुनियादें
अब हम तो…
मेरे हाथों में भरी-भरी चूड़ियाँ, मुझे भा गई हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी-मेरी चूड़ियाँ, तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तूने पीसी वो मेहँदी रँग लाई, मेरी गोरी हथेली रचाई
तेरी आँख क्यों लाडो भर आई, तेरे घर भी बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना, परदेस में मेरी बहना
अब हम तो भए.…
आ माँ मिल ले गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आँगन में अपना, बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा, कल भी पंछी गाएंगे
सब तुझको दिखाई देंगे, पर हम न नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको, सपनों में बुला लेना हमको
अब हम तो भए...
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड़ सी अठखेलियां, सदा पलकों बीच बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जब लगने लगे खाली-खाली
उस दम तू इतना समझना, मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भए...
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर
ये गलियाँ ये चौबारा, यहाँ आना न दोबारा
अब हम तो भए परदेसी, के तेरा यहाँ कोई नहीं
ले जा रँग-बिरंगी यादें, हँसने रोने की बुनियादें
अब हम तो…
मेरे हाथों में भरी-भरी चूड़ियाँ, मुझे भा गई हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी-मेरी चूड़ियाँ, तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तूने पीसी वो मेहँदी रँग लाई, मेरी गोरी हथेली रचाई
तेरी आँख क्यों लाडो भर आई, तेरे घर भी बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना, परदेस में मेरी बहना
अब हम तो भए.…
आ माँ मिल ले गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आँगन में अपना, बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा, कल भी पंछी गाएंगे
सब तुझको दिखाई देंगे, पर हम न नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको, सपनों में बुला लेना हमको
अब हम तो भए...
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड़ सी अठखेलियां, सदा पलकों बीच बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जब लगने लगे खाली-खाली
उस दम तू इतना समझना, मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भए...
Sunday, 26 June 2016
ये गलियाँ ये चौबारा - Ye Galiyan Ye Chaubara (Lata Mangeshkar, Prem Rog)
05:49
Movie/Album: प्रेम रोग (1982)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर
ये गलियाँ ये चौबारा, यहाँ आना न दोबारा
अब हम तो भए परदेसी, के तेरा यहाँ कोई नहीं
ले जा रँग-बिरंगी यादें, हँसने रोने की बुनियादें
अब हम तो…
मेरे हाथों में भरी-भरी चूड़ियाँ, मुझे भा गई हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी-मेरी चूड़ियाँ, तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तूने पीसी वो मेहँदी रँग लाई, मेरी गोरी हथेली रचाई
तेरी आँख क्यों लाडो भर आई, तेरे घर भी बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना, परदेस में मेरी बहना
अब हम तो भए.…
आ माँ मिल ले गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आँगन में अपना, बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा, कल भी पंछी गाएंगे
सब तुझको दिखाई देंगे, पर हम न नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको, सपनों में बुला लेना हमको
अब हम तो भए...
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड़ सी अठखेलियां, सदा पलकों बीच बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जब लगने लगे खाली-खाली
उस दम तू इतना समझना, मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भए...
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर
ये गलियाँ ये चौबारा, यहाँ आना न दोबारा
अब हम तो भए परदेसी, के तेरा यहाँ कोई नहीं
ले जा रँग-बिरंगी यादें, हँसने रोने की बुनियादें
अब हम तो…
मेरे हाथों में भरी-भरी चूड़ियाँ, मुझे भा गई हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी-मेरी चूड़ियाँ, तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तूने पीसी वो मेहँदी रँग लाई, मेरी गोरी हथेली रचाई
तेरी आँख क्यों लाडो भर आई, तेरे घर भी बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना, परदेस में मेरी बहना
अब हम तो भए.…
आ माँ मिल ले गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आँगन में अपना, बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा, कल भी पंछी गाएंगे
सब तुझको दिखाई देंगे, पर हम न नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको, सपनों में बुला लेना हमको
अब हम तो भए...
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड़ सी अठखेलियां, सदा पलकों बीच बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जब लगने लगे खाली-खाली
उस दम तू इतना समझना, मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भए...
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