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Monday, 27 June 2016

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ - Main Kahin Kavi Na Ban Jaaun (Md.Rafi, Pyar Hi Pyar)

00:33
Movie/Album: प्यार ही प्यार (1969)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ
तेरे प्यार में ऐ कविता

तुझे दिल के आइने में, मैंने बार-बार देखा
तेरी अँखड़ियों में देखा तो छलकता प्यार देखा
तेरा तीर मैंने देखा तो जिगर के पार देखा
मैं कहीं कवि न बन जाऊँ...

तेरा रंग है सलोना, तेरे अंग में लचक है
तेरी बात में है जादू, तेरे बोल में खनक है
तेरी हर अदा मुहब्बत, तू ज़मीन की धनक है
मैं कहीं कवि न बन जाऊँ...

मेरा दिल लुभा रहा है, तेरा रूप सादा-सादा
ये झुकी झुकी निगाहें, करे प्यार दिल में ज्यादा
मैं तुझी पे जान दूँगा, है यही मेरा इरादा
मैं कहीं कवि न बन जाऊँ...

देखा है तेरी आँखों में - Dekha Hai Teri Aankhon Mein (Md.Rafi, Pyar Hi Pyar)

00:31
Movie/Album: प्यार ही प्यार (1969)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

देखा है तेरी आँखों में प्यार ही प्यार बेशुमार 
पाया है तेरी बातों में प्यार ही प्यार बेशुमार 
देखा है तेरी आँखों में...

ऐ बहारों की परी, ये है तक़दीर मेरी 
जो भी समझा है मुझे, वो इनायत है तेरी
देखा है तेरी आंखों में...

मेरे अच्छे थे करम, जो मुलाक़ात हुई 
मेहरबाँ हुस्न हुआ, क्या अजब बात हुई
देखा है तेरी आँखों में...

मैंने सोचा भी न था, मुझको मिल जायेगी तू
जैसे लहराये सबा, वैसे लहरायेगी तू
देखा है तेरी आंखों में...