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Thursday, 9 June 2016
मैं शायर बदनाम - Main Shayar Badnaam (Kishore Kumar, Namak Haraam)
03:27
Movie/Album: नमक हराम (1973)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
मैं शायर बदनाम मैं चला, मैं चला
महफ़िल से नाकाम मैं चला, मैं चला
मेरे घर से तुमको, कुछ सामान मिलेगा
दीवाने शायर का, इक दीवान मिलेगा
और एक चीज़ मिलेगी, टूटा खाली जाम
मैं चला...
शोलों पे चलना था, काँटों पे सोना था
और अभी जी भर के, किस्मत पे रोना था
जाने ऐसे कितने, बाकी छोड़ के काम
मैं चला...
रास्ता रोक रही है, थोड़ी जान है बाकी
जाने टूटे दिल में, क्या अरमान है बाकी
जाने भी दे ऐ दिल, सबको मेरा सलाम
मैं चला...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
मैं शायर बदनाम मैं चला, मैं चला
महफ़िल से नाकाम मैं चला, मैं चला
मेरे घर से तुमको, कुछ सामान मिलेगा
दीवाने शायर का, इक दीवान मिलेगा
और एक चीज़ मिलेगी, टूटा खाली जाम
मैं चला...
शोलों पे चलना था, काँटों पे सोना था
और अभी जी भर के, किस्मत पे रोना था
जाने ऐसे कितने, बाकी छोड़ के काम
मैं चला...
रास्ता रोक रही है, थोड़ी जान है बाकी
जाने टूटे दिल में, क्या अरमान है बाकी
जाने भी दे ऐ दिल, सबको मेरा सलाम
मैं चला...
नदिया से दरिया - Nadiya Se Dariya (Kishore Kumar, Namak Haraam)
03:21
Movie/Album: नमक हराम (1973)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
नदिया से दरिया, दरिया से सागर
सागर से गहरा जाम
जाम में डूब गयी यारों मेरे जीवन की हर शाम
जो न पिये वो क्या जाने, पीते हैं क्यों हम दीवाने यार
जबसे हमने पीना सीखा, जीना सीखा मरना सीखा यार
हम जब यूँ नशे में डगमगाने लग गये
दिल की बेचैनी को आया थोड़ा सा आराम
नदिया से दरिया...
मेरा क्या मैं ग़म का मारा, नशे में आलम है सारा यार
किसी को दौलत का नशा, कहीं मोहब्बत का नशा यार
कहकर ऐ शराबी सब पुकारें अब मुझे
और कोई था, ये तो नहीं था, पहले मेरा नाम
नदिया से दरिया...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
नदिया से दरिया, दरिया से सागर
सागर से गहरा जाम
जाम में डूब गयी यारों मेरे जीवन की हर शाम
जो न पिये वो क्या जाने, पीते हैं क्यों हम दीवाने यार
जबसे हमने पीना सीखा, जीना सीखा मरना सीखा यार
हम जब यूँ नशे में डगमगाने लग गये
दिल की बेचैनी को आया थोड़ा सा आराम
नदिया से दरिया...
मेरा क्या मैं ग़म का मारा, नशे में आलम है सारा यार
किसी को दौलत का नशा, कहीं मोहब्बत का नशा यार
कहकर ऐ शराबी सब पुकारें अब मुझे
और कोई था, ये तो नहीं था, पहले मेरा नाम
नदिया से दरिया...
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