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Thursday, 9 June 2016

संदेसे आते हैं - Sandese Aate Hain (Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Border)

04:43
Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने
अकेली रातों में, अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का, वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे

वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में
उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से, किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा...

Monday, 6 June 2016

ऐ जाते हुए लम्हों - Ae Jaate Hue Lamhon (Roop Kumar Rathod, Border)

22:15


Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: रूप कुमार राठोड़
ऐ जाते हुए लम्हों, ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
मैं भी तो चलता हूँ, ज़रा उनसे मिलता हूँ
जो इक बात दिल में हैं, उन से कहूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

उनके चेहरे की ये नर्मियाँ, उनके जुल्फों की ये बदलियाँ
उनकी आँखों के रोशन दीये, उनके होंठों की ये सुर्खियाँ
सब उनके हैं जलवे, मैं चलने से पहले
साँसों में, आँखों में, ख्वाबों में, यादों में
और इस दिल में उनको छुपा के रखूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

मैं कहीं भी रहूँ ऐ सनम, मुझको है ज़िन्दगी की कसम
फ़ासले आते जाते रहें, प्यार लेकिन नहीं होगा कम
जिन्हें चाहूँ, जिन्हें पूजूँ, उन्हें देखूँ, उन्हें छू लूँ
ज़रा बातें तो कर लूँ, ज़रा बाहों में भर लूँ
मैं इस चाँद से माथे को चूम लूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

हमें जबसे मोहब्बत - Hamein Jabse Mohabbat (Sonu Nigam, Alka Yagnik, Border)

22:12
Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, अलका याग्निक

माही माही, मोतियाँ वाला

हमें जबसे मोहब्बत हो गई है
ये दुनिया खूबसूरत हो गई है

फिजाओं में नयी एक रोशनी है
हवाओं में अजब सी ताज़गी है
तुम इस वादी में मुझसे मिल रही हो
ज़मीं लगता है जैसे गा रही है
नयी रुत की महूरत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

है लिपटे धुंध में दिलकश नज़ारे
नदी खामोश है, चुप है किनारे
है इक छोटी सी कश्ती, और हम हैं
चले जाते हैं लहरों के सहारे
सुहानी अपनी संगत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

मैं खेतों में बनी पगडंडियों पर 
तुम्हारा हाथ थामें चल रहा हूँ
है पिघला शाम के सूरज का सोना
मगर मैं सिर्फ़ तुमको देखता हूँ
अजब इस दिल की हालत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

ये सारे लोग बिलकुल बेख़बर हैं
मैं दिल ही दिल में सपनें बुन रही हूँ
निगाहें जो तुम्हारी कह रही हैं
मैं इन आखों से वो सब सुन रही हूँ
अनोखी अपनी चाहत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...