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Sunday, 12 June 2016
अँखियों को रहने दे - Akhiyon Ko Rehne De (Lata Mangeshkar, Bobby)
23:19
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
टूट के दिल के टुकड़े टुकड़े हो गए मेरे सीने में
आ गले लगके मर जाएं, क्या रखा है जीने में
अँखियों को रहने दे, अँखियों के आस पास
दूर से दिल की बुझती रहे प्यास
दर्द ज़माने में कम नहीं मिलते
सबको मोहब्बत के ग़म नहीं मिलते
टूटने वाले दिल होते हैं कुछ खास
दूर से दिल की...
रह गई दुनिया में नाम की खुशियाँ
तेरे मेरे किस काम की खुशियाँ
सारी उमर हमको रहना है यूँ उदास
दूर से दिल की...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
टूट के दिल के टुकड़े टुकड़े हो गए मेरे सीने में
आ गले लगके मर जाएं, क्या रखा है जीने में
अँखियों को रहने दे, अँखियों के आस पास
दूर से दिल की बुझती रहे प्यास
दर्द ज़माने में कम नहीं मिलते
सबको मोहब्बत के ग़म नहीं मिलते
टूटने वाले दिल होते हैं कुछ खास
दूर से दिल की...
रह गई दुनिया में नाम की खुशियाँ
तेरे मेरे किस काम की खुशियाँ
सारी उमर हमको रहना है यूँ उदास
दूर से दिल की...
हम तुम एक कमरे में - Hum Tum Ek Kamre Mein (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)
23:16
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
बाहर से कोई अन्दर न आ सके
अन्दर से कोई बाहर न जा सके
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, इक कमरे में बन्द हों
और चाभी खो जाये
तेरे नैनों के भूल भुलैय्या में
बॉबी खो जाये
हम तुम एक कमरे में...
आगे हो घनघोर अन्धेरा (बाबा मुझे डर लगता है)
पीछे कोई डाकू लुटेरा (उँ, क्यों डरा रहे हो)
आगे हो घनघोर अन्धेरा, पीछे कोई डाकू लुटेरा
उपर भी जाना हो मुशकिल, नीचे भी आना हो मुशकिल
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम कहीं को जा रहे हों, और रस्ता भूल जाये
तेरी बैय्याँ के झूले में सैय्याँ, बॉबी झूल जाये
हम तुम एक कमरे में...
बस्ती से दूर, परबत के पीछे, मस्ती में चूर घने पेड़ों के नीचे
अन्देखी अन्जानी सी जगह हो, बस एक हम हो दूजी हवा हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम एक जंगल से गुज़रें, और शेर आ जाये
शेर से मैं कहूँ तुमको छोड़ के, मुझे खा जाये
हम तुम एक कमरे में...
ऐसे क्यों खोये खोये हो, जागे हो कि सोये हुए हो
क्या होगा कल किसको खबर है, थोड़ा सा मेरे दिल में ये डर है
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, यूँ ही हँस खेल रहे हों, और आँख भर आये
तेरे सर की क़सम तेरे ग़म से, बॉबी मर जाये
हम तुम एक कमरे में...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
बाहर से कोई अन्दर न आ सके
अन्दर से कोई बाहर न जा सके
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, इक कमरे में बन्द हों
और चाभी खो जाये
तेरे नैनों के भूल भुलैय्या में
बॉबी खो जाये
हम तुम एक कमरे में...
आगे हो घनघोर अन्धेरा (बाबा मुझे डर लगता है)
पीछे कोई डाकू लुटेरा (उँ, क्यों डरा रहे हो)
आगे हो घनघोर अन्धेरा, पीछे कोई डाकू लुटेरा
उपर भी जाना हो मुशकिल, नीचे भी आना हो मुशकिल
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम कहीं को जा रहे हों, और रस्ता भूल जाये
तेरी बैय्याँ के झूले में सैय्याँ, बॉबी झूल जाये
हम तुम एक कमरे में...
बस्ती से दूर, परबत के पीछे, मस्ती में चूर घने पेड़ों के नीचे
अन्देखी अन्जानी सी जगह हो, बस एक हम हो दूजी हवा हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम एक जंगल से गुज़रें, और शेर आ जाये
शेर से मैं कहूँ तुमको छोड़ के, मुझे खा जाये
हम तुम एक कमरे में...
ऐसे क्यों खोये खोये हो, जागे हो कि सोये हुए हो
क्या होगा कल किसको खबर है, थोड़ा सा मेरे दिल में ये डर है
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, यूँ ही हँस खेल रहे हों, और आँख भर आये
तेरे सर की क़सम तेरे ग़म से, बॉबी मर जाये
हम तुम एक कमरे में...
मुझे कुछ कहना है - Mujhe Kuch Kahna Hai (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)
23:15
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
मुझे कुछ कहना है
मुझे भी कुछ कहना है
पहले तुम, पहले तुम
देखो, जिस तरह लखनऊ के दो नवाबों की गाड़ी
पहले आप, पहले आप, पहले आप
पहले आप करते निकल गयी थी
उस तरह हमारी पहले तुम, पहले तुम, पहले तुम
पहले तुम में ये मस्ती भरी रूठ ना चली जाए
अच्छा, मै कहती हूँ
अक्सर कोई लड़की इस हाल मे
किसी लड़के से सोलहवें साल मे
जो कहती है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़का इस हाल मे
किसी लड़की से सोलहवें साल मे
जो कहता है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़की...
ना आँखों में नींद, ना दिल में करार
यही इंतज़ार, यही इंतज़ार
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता
सब झूठा लगता है, सच्चा नहीं लगता
ना घर में लगे दिल, ना बाहर कहीं पर
बैठी हूँ कहीं पर, खोयी हूँ कहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
मुझे रात दिन नहीं और काम
कभी तेरी याद, कभी तेरा नाम
सब रंग दुनिया के फीके लगते हैं
एक तेरे बोल बस मीठे लगते हैं
लिखे हैं बस तेरे सजदे इस ज़मीं पर
जिंदा हूँ मैं तेरी बस हाँ पर नहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
मिले हमको फूल के कांटें मिले
वहाँ जा बसे, वहाँ जा रहे
तुझे मिलने में जहाँ डर ना हो कोई
पिया के सिवाय दूजा घर ना हो कोई
क्या ऐसी जगह है कोई इस ज़मीं पर
रहने दे बात को यहाँ पर, यहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
मुझे कुछ कहना है
मुझे भी कुछ कहना है
पहले तुम, पहले तुम
देखो, जिस तरह लखनऊ के दो नवाबों की गाड़ी
पहले आप, पहले आप, पहले आप
पहले आप करते निकल गयी थी
उस तरह हमारी पहले तुम, पहले तुम, पहले तुम
पहले तुम में ये मस्ती भरी रूठ ना चली जाए
अच्छा, मै कहती हूँ
अक्सर कोई लड़की इस हाल मे
किसी लड़के से सोलहवें साल मे
जो कहती है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़का इस हाल मे
किसी लड़की से सोलहवें साल मे
जो कहता है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़की...
ना आँखों में नींद, ना दिल में करार
यही इंतज़ार, यही इंतज़ार
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता
सब झूठा लगता है, सच्चा नहीं लगता
ना घर में लगे दिल, ना बाहर कहीं पर
बैठी हूँ कहीं पर, खोयी हूँ कहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
मुझे रात दिन नहीं और काम
कभी तेरी याद, कभी तेरा नाम
सब रंग दुनिया के फीके लगते हैं
एक तेरे बोल बस मीठे लगते हैं
लिखे हैं बस तेरे सजदे इस ज़मीं पर
जिंदा हूँ मैं तेरी बस हाँ पर नहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
मिले हमको फूल के कांटें मिले
वहाँ जा बसे, वहाँ जा रहे
तुझे मिलने में जहाँ डर ना हो कोई
पिया के सिवाय दूजा घर ना हो कोई
क्या ऐसी जगह है कोई इस ज़मीं पर
रहने दे बात को यहाँ पर, यहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...
ना चाहूँ सोना चांदी - Na Chaahun Sona Chandi (Manna Dey, Shailendra Singh, Bobby)
23:13
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मन्ना डे, शैलेन्द्र सिंह
न चाहूँ सोना चांदी, न चाहूँ हीरा मोती
ये मेरे किस काम के
न मांगूँ बंगला बाड़ी, न मांगूँ घोड़ा-गाड़ी
ये तो हैं बस नाम के
देता है दिल दे, बदले में दिल के
घे घे घे घे घे, दे रे साहिबा
प्यार में सौदा नहीं
न जानूं मुल्ला काज़ी, न जानूं काबा कशी
मैं तो हूँ प्रेम पियासा रे
मेरे सपनों की रानी, होगी तुमको हैरानी
मैं तो तेरा दीवाना रे
देती है दिल...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मन्ना डे, शैलेन्द्र सिंह
न चाहूँ सोना चांदी, न चाहूँ हीरा मोती
ये मेरे किस काम के
न मांगूँ बंगला बाड़ी, न मांगूँ घोड़ा-गाड़ी
ये तो हैं बस नाम के
देता है दिल दे, बदले में दिल के
घे घे घे घे घे, दे रे साहिबा
प्यार में सौदा नहीं
न जानूं मुल्ला काज़ी, न जानूं काबा कशी
मैं तो हूँ प्रेम पियासा रे
मेरे सपनों की रानी, होगी तुमको हैरानी
मैं तो तेरा दीवाना रे
देती है दिल...
Saturday, 11 June 2016
झूठ बोले कौवा काटे - Jhooth Bole Kauwa Kaate (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)
00:29
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो
तू मायके चली जाएगी
मैं डंडा लेकर आऊंगा
तू डंडा लेकर आएगा
मैं कुए में गिर जाऊंगी
मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा
मैं पेड़ पे चढ़ जाऊँगी
मैं आरी से कटवाऊंगा
प्यार करे आरी चलवाए, ऐसे आशिक़ से डरियो
मैं माईके चली जाऊंगी...
तुम मैके चली जाएगी
मैं दूजा ब्याह रचाऊँगा
तू दूजा ब्याह रचाएगा
हाए मेरी सौतन लाएगा
मैं माइके नहीं जाऊँगी, मैं माइके नहीं जाऊँगी
अरे तेरे सदके जाऊंगी रे, मायके नहीं जाऊंगी
मैं सातों वचन निभाऊँगी, अरे मायके नहीं जाऊंगी
मैं मायके नहीं जाऊंगी...
झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं तेरी सौतन लाऊंगा, तुम देखती रहियो
झूठ बोले कौआ काटे, काले कौए से डरियो
मैं मायके नहीं जाऊंगी, तुम देखते रहियो
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह
झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो
तू मायके चली जाएगी
मैं डंडा लेकर आऊंगा
तू डंडा लेकर आएगा
मैं कुए में गिर जाऊंगी
मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा
मैं पेड़ पे चढ़ जाऊँगी
मैं आरी से कटवाऊंगा
प्यार करे आरी चलवाए, ऐसे आशिक़ से डरियो
मैं माईके चली जाऊंगी...
तुम मैके चली जाएगी
मैं दूजा ब्याह रचाऊँगा
तू दूजा ब्याह रचाएगा
हाए मेरी सौतन लाएगा
मैं माइके नहीं जाऊँगी, मैं माइके नहीं जाऊँगी
अरे तेरे सदके जाऊंगी रे, मायके नहीं जाऊंगी
मैं सातों वचन निभाऊँगी, अरे मायके नहीं जाऊंगी
मैं मायके नहीं जाऊंगी...
झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं तेरी सौतन लाऊंगा, तुम देखती रहियो
झूठ बोले कौआ काटे, काले कौए से डरियो
मैं मायके नहीं जाऊंगी, तुम देखते रहियो
Friday, 10 June 2016
ए फँसा - Ae Phansa (Lata Mangeshkar, Bobby)
22:37
Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार
जो करके प्यार यार किसी के दिल में बसा, बसा, बसा ए फंसा
ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
ये एक साल नौजवानों का, नादानों का, दीवानों का
ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
आशिक़ का हो गया नाम बदनाम
हुआ अंजाम सुबह-ओ-शाम ज़माना हँसा, हँसा, हँसा
ए फंसा...
बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
बचा के आँख किसी झरोखे से, किसी मौके से, कभी धोखे से
बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
जीना हुआ दुश्वार दिलदार के लगा आर पार
तीर किसी ने कसा, कसा, कसा
ए फंसा...
ये प्रेमरोग बड़े बड़े जोगी सपेरों से बस में नहीं होता है
ये प्रेमरोग प्यार करते है, लोग मरते है, कहाँ डरते है
ये प्रेमरोग बड़े बड़े सपेरों से बस में नहीं होता है
उसने लिया बैराग जबसे भाग के लगी आग
नागिनों ने जिसे डसा, डसा, डसा
ए फंसा, उसका...
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार
जो करके प्यार यार किसी के दिल में बसा, बसा, बसा ए फंसा
ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
ये एक साल नौजवानों का, नादानों का, दीवानों का
ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है
आशिक़ का हो गया नाम बदनाम
हुआ अंजाम सुबह-ओ-शाम ज़माना हँसा, हँसा, हँसा
ए फंसा...
बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
बचा के आँख किसी झरोखे से, किसी मौके से, कभी धोखे से
बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए
जीना हुआ दुश्वार दिलदार के लगा आर पार
तीर किसी ने कसा, कसा, कसा
ए फंसा...
ये प्रेमरोग बड़े बड़े जोगी सपेरों से बस में नहीं होता है
ये प्रेमरोग प्यार करते है, लोग मरते है, कहाँ डरते है
ये प्रेमरोग बड़े बड़े सपेरों से बस में नहीं होता है
उसने लिया बैराग जबसे भाग के लगी आग
नागिनों ने जिसे डसा, डसा, डसा
ए फंसा, उसका...
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