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Sunday, 17 July 2016
तू भूला जिसे - Tu Bhoola Jise (KK, Airlift)
00:20
Movie/Album: एयरलिफ्ट (2016)
Music By: अमाल मलिक
Lyrics By: कुमार
Performed By: के.के.
तू भूला जिसे
तुझको वो याद करता रहा
तू जीता रहा
तेरे लिए वो मरता रहा
तेरे दर्द की, आहट सुनी
लो आ गया, सब छोड़ के
तेरी राह में लेकर ख़ुशी
वो है खड़ा हर मोड़ पे , सब छोड़ के
तू भूला जिसे...
तेरी फिकर में गुज़रता रहा
लम्हां दर लम्हां
तेरे साथ दुनिया थी
वो रहा, तन्हां का तन्हां
आँसू मिले, देखा था जो
पलकों को भी निचोड़ के
तेरी राह में...
वन्दे मातरम, वन्दे मातरम
वन्दे मातरम, वन्दे मातरम
Music By: अमाल मलिक
Lyrics By: कुमार
Performed By: के.के.
तू भूला जिसे
तुझको वो याद करता रहा
तू जीता रहा
तेरे लिए वो मरता रहा
तेरे दर्द की, आहट सुनी
लो आ गया, सब छोड़ के
तेरी राह में लेकर ख़ुशी
वो है खड़ा हर मोड़ पे , सब छोड़ के
तू भूला जिसे...
तेरी फिकर में गुज़रता रहा
लम्हां दर लम्हां
तेरे साथ दुनिया थी
वो रहा, तन्हां का तन्हां
आँसू मिले, देखा था जो
पलकों को भी निचोड़ के
तेरी राह में...
वन्दे मातरम, वन्दे मातरम
वन्दे मातरम, वन्दे मातरम
सोच ना सके - Soch Na Sake (Arijit Singh, Tulsi Kumar, Airlift)
00:11
Movie/Album: एयरलिफ्ट (2016)
Music By: अमाल मलिक
Lyrics By: कुमार
Performed By: अरिजीत सिंह, तुलसी कुमार
तेनु इतना मैं प्यार करां
इक पल विच सौ बार करां
तू जावे जे मैनू छड्ड के
मौत दा इंतज़ार करां
के तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है
तुझपे ही सांस आके रुके
मैं तुझको कितना चाहता हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
कुछ भी नहीं है ये जहां
तू है तो है इसमें ज़िन्दगी
अब मुझको जाना है कहाँ
के तू ही सफ़र है आख़िरी
के तेरे बिना जीना मुमकिन नहीं
न देना कभी मुझको तू फ़ासले
मैं तुझको कितना चाहती हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
आँखों की है ये ख्वाहिशें
के चेहरे से तेरे ना हटे
नींदों में बस तेरे
ख़्वाबों ने ली है करवटें
के तेरी ओर मुझको ले के चले
ये दुनिया भर के सब रास्ते
मैं तुझको कितना चाहता हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
Music By: अमाल मलिक
Lyrics By: कुमार
Performed By: अरिजीत सिंह, तुलसी कुमार
तेनु इतना मैं प्यार करां
इक पल विच सौ बार करां
तू जावे जे मैनू छड्ड के
मौत दा इंतज़ार करां
के तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है
तुझपे ही सांस आके रुके
मैं तुझको कितना चाहता हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
कुछ भी नहीं है ये जहां
तू है तो है इसमें ज़िन्दगी
अब मुझको जाना है कहाँ
के तू ही सफ़र है आख़िरी
के तेरे बिना जीना मुमकिन नहीं
न देना कभी मुझको तू फ़ासले
मैं तुझको कितना चाहती हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
आँखों की है ये ख्वाहिशें
के चेहरे से तेरे ना हटे
नींदों में बस तेरे
ख़्वाबों ने ली है करवटें
के तेरी ओर मुझको ले के चले
ये दुनिया भर के सब रास्ते
मैं तुझको कितना चाहता हूँ
ये तू कभी सोच ना सके
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