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Monday, 15 August 2016
साथिया साथिया - Saathiya (Sonu Nigam, Saathiya)
00:03
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, डोमिनिक सेरेजो, क्लिंटन सेरेजो
साथिया, साथिया
मद्धम-मद्धम तेरी ये गीली हंसी
साथिय, साथिया
सुन के हमने सारी पी ली हंसी
हँसती रहे तू हँसती रहे, हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे, सुबह-ओ-शाम मिलती रहे
सौंधी सी हंसी तेरी, खिलती रहे, मिलती रहे
पीली धूप पहन के तुम, देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे, फूलों में मत जाना
मद्धम-मद्धम हंस दे फिर से
सोणा-सोणा फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह, सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के, एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुझसे
मौसम-मौसम हंसते रहना
मद्धम-मद्धम हँसते रहना
साथिय, साथिया...
कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है
तेरे बालों की पनाह में, इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे, कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले, मेरा आसमान ले ले
साथिय, साथिया...
बर्फ गिरी हो वादी में
ऊन में लिपटी-सिमटी हुयी
बर्फ गिरी हो वादी में, और हंसी तेरी गूंजी
ऊन में लिपटी सिमटी हुई,बात करे धुंआ निकले
गरम-गरम उजला धुंआ , नरम नरम उजला धुंआ
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, डोमिनिक सेरेजो, क्लिंटन सेरेजो
साथिया, साथिया
मद्धम-मद्धम तेरी ये गीली हंसी
साथिय, साथिया
सुन के हमने सारी पी ली हंसी
हँसती रहे तू हँसती रहे, हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे, सुबह-ओ-शाम मिलती रहे
सौंधी सी हंसी तेरी, खिलती रहे, मिलती रहे
पीली धूप पहन के तुम, देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे, फूलों में मत जाना
मद्धम-मद्धम हंस दे फिर से
सोणा-सोणा फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह, सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के, एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुझसे
मौसम-मौसम हंसते रहना
मद्धम-मद्धम हँसते रहना
साथिय, साथिया...
कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है
तेरे बालों की पनाह में, इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे, कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले, मेरा आसमान ले ले
साथिय, साथिया...
बर्फ गिरी हो वादी में
ऊन में लिपटी-सिमटी हुयी
बर्फ गिरी हो वादी में, और हंसी तेरी गूंजी
ऊन में लिपटी सिमटी हुई,बात करे धुंआ निकले
गरम-गरम उजला धुंआ , नरम नरम उजला धुंआ
छलका छलका रे - Chhalka Chhalka Re (Saathiya)
00:01
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, वैशाली सामंत, शोमा बनर्जी
छलका छलका रे कलसी का पानी
छलका छलका रे ओ आँख ना मानी
मईया बोले जाना नहीं, भैया को भी माना नहीं
बाबुल बोले बस इक दिन कल का छलका
गुड्डा बोले जाना नहीं, गुड्डी बोले जाना नहीं
सखी बोले बस इक दिन कल का छलका
छलका छलका रे...
भोले भोले पैरों से चली, चली रे
बाबू तेरे छोटी थी गली
बेटे मेरे पीछे रह गयी, रह गयी
पाखियों के नीचे रह गयी
गैया मेरी प्यासी रह गयी
तुलसी वाली वादी रह गयी, रह गयी
चूल्हा मैं जलाती रह गयी
छलका छलका रे...
बाबुला छोड़ा तेरा अंगनारा
अब की जो घर आयेगी, आयेगी
हीरे वाला छल्ला लाईया
गोदी में खिलाये सखियाँ
नन्हा मुन्ना लल्ला लाईयो
अब के जो सावन आएगा
दूसरी बिदाई डोलेगी, डोलेगी
पिया की जुदाई डोलेगी
छलका छलका रे...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, वैशाली सामंत, शोमा बनर्जी
छलका छलका रे कलसी का पानी
छलका छलका रे ओ आँख ना मानी
मईया बोले जाना नहीं, भैया को भी माना नहीं
बाबुल बोले बस इक दिन कल का छलका
गुड्डा बोले जाना नहीं, गुड्डी बोले जाना नहीं
सखी बोले बस इक दिन कल का छलका
छलका छलका रे...
भोले भोले पैरों से चली, चली रे
बाबू तेरे छोटी थी गली
बेटे मेरे पीछे रह गयी, रह गयी
पाखियों के नीचे रह गयी
गैया मेरी प्यासी रह गयी
तुलसी वाली वादी रह गयी, रह गयी
चूल्हा मैं जलाती रह गयी
छलका छलका रे...
बाबुला छोड़ा तेरा अंगनारा
अब की जो घर आयेगी, आयेगी
हीरे वाला छल्ला लाईया
गोदी में खिलाये सखियाँ
नन्हा मुन्ना लल्ला लाईयो
अब के जो सावन आएगा
दूसरी बिदाई डोलेगी, डोलेगी
पिया की जुदाई डोलेगी
छलका छलका रे...
Sunday, 14 August 2016
ऐ उड़ी उड़ी - Ae Udi Udi (Saathiya, Adnan Sami)
23:58
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी
ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली
हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...
लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी
ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली
हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...
लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...
Saturday, 13 August 2016
चुपके से रात की चादर - Chupke Se Raat Ki Chaadar (Saathiya)
01:15
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान
दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना
चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...
फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...
तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान
दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना
चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...
फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...
तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...
मेरा यार मिला दे - Mera Yaar Mila De (A.R.Rahman)
01:14
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान
बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेन्डा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेन्डा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेन्डा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेन्डा यार मिला दे...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान
बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेन्डा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेन्डा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेन्डा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेन्डा यार मिला दे...
नैना मिलाय के - Naina Milai Ke (Saathiya)
01:12
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री
नैना मिलाय के मोसे
झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी
चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...
सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के
झूठ कपट छल कीनी...
दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री
नैना मिलाय के मोसे
झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी
चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...
सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के
झूठ कपट छल कीनी...
दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...
ओ हमदम सोनियो रे - O Humdum Soniyo Re (Saathiya)
01:11
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, कुनाल गांजावाला, के.के., शान, प्रवीण मानी
ओ हमदम सोनियो रे, ओ जानिया सोनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ पास बुलाएगा
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, कुनाल गांजावाला, के.के., शान, प्रवीण मानी
ओ हमदम सोनियो रे, ओ जानिया सोनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ पास बुलाएगा
चोरी पे चोरी - Chori Pe Chori (Asha Bhosle, Saathiya)
01:10
Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...
दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...
दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...
दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...
दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...
Tuesday, 26 July 2016
जाने क्या होगा रामा रे - Jaane Kya Hoga Rama Re (Kaante)
05:04
Movie/Album: कांटे (2002)
Music By: आनंद राज आनंद
Lyrics By: देव कोहली
Performed By: संजय दत्त, शान, जुबीन गर्ग, आनंद राज आनंद, सुदेश भोसले
I
कॉलर को थोड़ा सा ऊपर चढ़ा के
सिगरेट के धुएँ का छल्ला बना के
सोचना है क्या, जो होना है होगा
चल पड़े हैं फिक्रे यारा धुएं में उड़ा के
जाने क्या होगा रामा रे
जाने क्या होगा मौला रे
डॉलर भी चाहिए इन्हें पाउंड भी चाहिए
सोने के सिक्कों का साउंड भी चाहिए
बंदा ये ढीठ है ये कुछ नहीं जानता
इसको जो मांगता तो माल पानी मांगता
सोचना है क्या...
अपने बेगाने ये सब छोड़ आए
प्यार की रस्मों को ये तोड़ आए
अंजाने रास्तों के वास्ते ये
ज़िन्दगी से भी मुँह मोड़ आए
सोचना है क्या...
ख़ुद पे भरोसा है, ख़ुद पे यकीन है
कर लेंगे काम चाहें जितना संगीन है
पक्के हैं इनके जो दिल में इरादे
है आसमां इनका इनकी ज़मीन है
सोचना है क्या...
II
सोचा नहीं था तक़दीर यहाँ लाएगी
मंज़िल पे आते ही जान चली जाएगी
ओ ये तो सिकंदर ने भी नहीं था सोचा
आने से पहले ख़ुशी लौट जाएगी
हमने सोचा था क्या, और क्या से क्या हुआ
जा रहे हैं आज ये ज़माने को बता के
ये क्या हो गया रामा रे
ये क्या हो गया मौला रे
तेरा कुसूर था या मेरा कुसूर था
तेरा गुरूर था या मेरा गुरूर था
रब्बा मैं इतना बुरा नहीं होता
तू अगर बेवफ़ा नहीं होता
इतना बता मुझे, क्या मिला तुझे
गम के ये काँटे मेरी राहों में बिछा के
ये क्या हो गया...
Music By: आनंद राज आनंद
Lyrics By: देव कोहली
Performed By: संजय दत्त, शान, जुबीन गर्ग, आनंद राज आनंद, सुदेश भोसले
I
कॉलर को थोड़ा सा ऊपर चढ़ा के
सिगरेट के धुएँ का छल्ला बना के
सोचना है क्या, जो होना है होगा
चल पड़े हैं फिक्रे यारा धुएं में उड़ा के
जाने क्या होगा रामा रे
जाने क्या होगा मौला रे
डॉलर भी चाहिए इन्हें पाउंड भी चाहिए
सोने के सिक्कों का साउंड भी चाहिए
बंदा ये ढीठ है ये कुछ नहीं जानता
इसको जो मांगता तो माल पानी मांगता
सोचना है क्या...
अपने बेगाने ये सब छोड़ आए
प्यार की रस्मों को ये तोड़ आए
अंजाने रास्तों के वास्ते ये
ज़िन्दगी से भी मुँह मोड़ आए
सोचना है क्या...
ख़ुद पे भरोसा है, ख़ुद पे यकीन है
कर लेंगे काम चाहें जितना संगीन है
पक्के हैं इनके जो दिल में इरादे
है आसमां इनका इनकी ज़मीन है
सोचना है क्या...
II
सोचा नहीं था तक़दीर यहाँ लाएगी
मंज़िल पे आते ही जान चली जाएगी
ओ ये तो सिकंदर ने भी नहीं था सोचा
आने से पहले ख़ुशी लौट जाएगी
हमने सोचा था क्या, और क्या से क्या हुआ
जा रहे हैं आज ये ज़माने को बता के
ये क्या हो गया रामा रे
ये क्या हो गया मौला रे
तेरा कुसूर था या मेरा कुसूर था
तेरा गुरूर था या मेरा गुरूर था
रब्बा मैं इतना बुरा नहीं होता
तू अगर बेवफ़ा नहीं होता
इतना बता मुझे, क्या मिला तुझे
गम के ये काँटे मेरी राहों में बिछा के
ये क्या हो गया...
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