Movie/Album: इश्किया (2010)
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रेखा भारद्वाज
बड़ी धीरे जली रैना, धुआं धुआं नैना
रातों से हौले हौले, खोली है किनारी
अखियों ने तागा तागा भोर उतारी
खारी अँखियों से धुआं जाए ना
पलकों पे सपनों की अग्नि उठाये
हमने दो अँखियों के आलने जलाये
दर्द ने कभी लोरियां सुनाई तो
दर्द ने कभी नींद से जगाया रे
बैरी अँखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...
जलते चरागों में अब नींद ना आये
फूंकों से हमने सब तारे बुझाए
जाने क्या खली रात की पिटारी सेखोले तो कोई भोर की किनारी रे
सूजी अखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...
2010
,
B
,
Gulzar
,
Ishqiya
,
Rekha Bhardwaj
,
Vishal Bhardwaj
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रेखा भारद्वाज
बड़ी धीरे जली रैना, धुआं धुआं नैना
रातों से हौले हौले, खोली है किनारी
अखियों ने तागा तागा भोर उतारी
खारी अँखियों से धुआं जाए ना
पलकों पे सपनों की अग्नि उठाये
हमने दो अँखियों के आलने जलाये
दर्द ने कभी लोरियां सुनाई तो
दर्द ने कभी नींद से जगाया रे
बैरी अँखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...
जलते चरागों में अब नींद ना आये
फूंकों से हमने सब तारे बुझाए
जाने क्या खली रात की पिटारी सेखोले तो कोई भोर की किनारी रे
सूजी अखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...
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