Movie/Album: दूर का राही (1971)
Music By: किशोर कुमार
Lyrics By: ए.इरशाद
Performed By: किशोर कुमार, सुलक्षणा पंडित
बेकरार-ए-दिल तू गाये जा, खुशियों से भरे वो तराने
जिन्हें सुन के दुनियाँ झूम उठे और झूम उठे दिल दीवाने
राग हो कोई मिलन का, सुख से भरी सरगम का
युग युग के बंधन का, साथ हो लाखों जनम का
ऐसे ही बहारे गाती रहे, और सजते रहे वीराने
जिन्हें सुन के...
रात यूँ ही थम जायेगी, रुत ये हसीं मुस्काएगी
बँधी कली खिल जायेगी, और शबनम शरमायेगी
प्यार के हो ऐसे नग्में, जो बन जाये अफ़साने
जिन्हें सुन के...
दर्द में डूबी धून हो, सीने में एक सुलगन हो
साँसों में हलकी चुभन हो, सहमी हुई धड़कन हो
दोहराते रहे बस गीत नये, दुनियाँ से रहे बेगाने
जिन्हें सुन के...
1971
,
A.Irshad
,
B
,
Door Ka Raahi
,
Kishore Kumar
,
Sulakshana Pandit
Music By: किशोर कुमार
Lyrics By: ए.इरशाद
Performed By: किशोर कुमार, सुलक्षणा पंडित
बेकरार-ए-दिल तू गाये जा, खुशियों से भरे वो तराने
जिन्हें सुन के दुनियाँ झूम उठे और झूम उठे दिल दीवाने
राग हो कोई मिलन का, सुख से भरी सरगम का
युग युग के बंधन का, साथ हो लाखों जनम का
ऐसे ही बहारे गाती रहे, और सजते रहे वीराने
जिन्हें सुन के...
रात यूँ ही थम जायेगी, रुत ये हसीं मुस्काएगी
बँधी कली खिल जायेगी, और शबनम शरमायेगी
प्यार के हो ऐसे नग्में, जो बन जाये अफ़साने
जिन्हें सुन के...
दर्द में डूबी धून हो, सीने में एक सुलगन हो
साँसों में हलकी चुभन हो, सहमी हुई धड़कन हो
दोहराते रहे बस गीत नये, दुनियाँ से रहे बेगाने
जिन्हें सुन के...
No comments:
Post a Comment