Wednesday, 22 June 2016

तुमसे दूर रह के - Tumse Door Reh Ke (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Adalat)

Movie/Album: अदालत (1976)
Music By:कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: गुलशन बावरा
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
तुमसे दूर रह के
हमने जाना प्यार क्या है
दिल ने माना यार क्या है

तुमको पाके ना पहलू में लगता था यूँ
जीते हैं किसलिए और ज़िंदा है क्यों
हम भी रहते थे बेचैन से हर घड़ी
बिन तुम्हारे तो वीरान थी ज़िन्दगी
तुमसे दूर रह के...

दूरियाँ किसलिये, मिल गये हैं जो हम
अब तो होने दो अरमान पूरे सनम
वक़्त आने पे मिट जायेंगी दूरियाँ
जब न होंगी ज़माने की मजबूरियाँ
तुमसे दूर रह के...
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