Movie/Album: सिटीलाइट्स (2014)
Music By: जीत गांगुली
Lyrics By: रश्मि सिंह
Performed By: अरिजीत सिंह
सोने दो, ख्वाब बोने दो
जागेंगे, फिर थामेंगे, कोई वजह जीने की
सोने दो...
परछाई के पीछे पीछे भाग रहा है मन
चांद को मुट्ठी में भरने को, करता रोज़ जतन
प्यासे से, इस पंछी को, कोई नदी मिलने दो ना
सोने दो...
इतने सारे चेहरे हैं और तन्हा सब के सब
तेरे शहर का, काम है चलना यूँ बेमतलब
चेहरों के, इस मेले में, अपना कोई मिलने दो ना
सोने दो...
2014
,
Arijit Singh
,
CityLights
,
Jeet Ganguly
,
Rashmi Singh
,
S
Music By: जीत गांगुली
Lyrics By: रश्मि सिंह
Performed By: अरिजीत सिंह
सोने दो, ख्वाब बोने दो
जागेंगे, फिर थामेंगे, कोई वजह जीने की
सोने दो...
परछाई के पीछे पीछे भाग रहा है मन
चांद को मुट्ठी में भरने को, करता रोज़ जतन
प्यासे से, इस पंछी को, कोई नदी मिलने दो ना
सोने दो...
इतने सारे चेहरे हैं और तन्हा सब के सब
तेरे शहर का, काम है चलना यूँ बेमतलब
चेहरों के, इस मेले में, अपना कोई मिलने दो ना
सोने दो...
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