Movie/Album: हसीना मान जाएगी (1968)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: प्रकाश महरा
Performed By: मो.रफ़ी
ओ दिलबर जानिए, तेरे हैं हम तेरे
छुपा लेंगे इन आँखों में, सनम हम ग़म तेरे
ओ दिलबर जानिए (सोनिये)...
यूँ बात बात-बात पे तुम रूठा न करो
दिल तोड़ तोड़-तोड़ मज़ा लूटा ना करो
ओ जान-ए-जानाँ ये तो है रुसवाई प्यार की
इन बातों से बढ़ जाएगी महँगाई प्यार की
ढूँढे नहीं पाओगी तुम बाज़ार में आशिक़
दौड़ेंगे Fifty Sixty की रफ़्तार से आशिक़
फिर नाम ले के प्यार का तुम गाया करोगी
सर फोड़ के दीवारों से चिल्लाया करोगी
ओ दिलबर जानिये...
इक दिन तुम्हारे दिल में भी एक आग उठेगी
तूफ़ान उठेगा, मोहब्बत जाग उठेगी
हो जाए ऐसा हाल तो कर लेना मुझको याद
सर के बल चलकर आऊंगा सुनकर तेरी फ़रियाद
दिल से मेरे खेले हो अब तुम सर से भी खेलो
ये दिल, जिगर, गुर्दा तुम्हारा है, तुम्हीं ले लो
उस्ताद हूँ मजनूं का मैं, फरहाद का चेला
हर हाल में हारेगा जो दिल से मेरे खेला
ओ दिलबर जानिए (हीरिये)...
ओ बेवफ़ा तूने मुझे कहीं का न छोड़ा
तू ग़ुस्सा जो करती है कर ले प्यार भी थोड़ा
तेरे बिना जीना मेरा जीना है क्या जीना
तड़पूँगा मैं जब आएगा सावन का महीना
वो हुस्न भी क्या हुस्न है जो इश्क़ ना जाने
दिलदार को और यार को बिल्कुल ना पहचाने
मेरी वफ़ा एक दिन कुछ ऐसा रंग लाएगी
ये नाज़नीं ज़ालिम हसीना मान जाएगी
ओ दिलबर जानिये...
ओ दिलबर सोनिये, तेरे हैं हम तेरे
1968
,
Haseena Maan Jaayegi
,
Kalyanji Anandji
,
Md.Rafi
,
O
,
Prakash Mehra
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: प्रकाश महरा
Performed By: मो.रफ़ी
ओ दिलबर जानिए, तेरे हैं हम तेरे
छुपा लेंगे इन आँखों में, सनम हम ग़म तेरे
ओ दिलबर जानिए (सोनिये)...
यूँ बात बात-बात पे तुम रूठा न करो
दिल तोड़ तोड़-तोड़ मज़ा लूटा ना करो
ओ जान-ए-जानाँ ये तो है रुसवाई प्यार की
इन बातों से बढ़ जाएगी महँगाई प्यार की
ढूँढे नहीं पाओगी तुम बाज़ार में आशिक़
दौड़ेंगे Fifty Sixty की रफ़्तार से आशिक़
फिर नाम ले के प्यार का तुम गाया करोगी
सर फोड़ के दीवारों से चिल्लाया करोगी
ओ दिलबर जानिये...
इक दिन तुम्हारे दिल में भी एक आग उठेगी
तूफ़ान उठेगा, मोहब्बत जाग उठेगी
हो जाए ऐसा हाल तो कर लेना मुझको याद
सर के बल चलकर आऊंगा सुनकर तेरी फ़रियाद
दिल से मेरे खेले हो अब तुम सर से भी खेलो
ये दिल, जिगर, गुर्दा तुम्हारा है, तुम्हीं ले लो
उस्ताद हूँ मजनूं का मैं, फरहाद का चेला
हर हाल में हारेगा जो दिल से मेरे खेला
ओ दिलबर जानिए (हीरिये)...
ओ बेवफ़ा तूने मुझे कहीं का न छोड़ा
तू ग़ुस्सा जो करती है कर ले प्यार भी थोड़ा
तेरे बिना जीना मेरा जीना है क्या जीना
तड़पूँगा मैं जब आएगा सावन का महीना
वो हुस्न भी क्या हुस्न है जो इश्क़ ना जाने
दिलदार को और यार को बिल्कुल ना पहचाने
मेरी वफ़ा एक दिन कुछ ऐसा रंग लाएगी
ये नाज़नीं ज़ालिम हसीना मान जाएगी
ओ दिलबर जानिये...
ओ दिलबर सोनिये, तेरे हैं हम तेरे
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