Movie/Album: राजू बन गया जेंटलमैन (1992)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: विनु महेंद्र
Performed By: कुमार सानू, अलका याग्निक, जॉली मुख़र्जी
क्या हुआ, ये इसे क्या हुआ
अरे दोस्तों इसे क्या हुआ
क्या हुआ इसे क्या हुआ
दोस्तों इसे क्या हुआ
इसका तो बज गया बाजा
ये क्या हुआ ये क्या हुआ
अरे भाई ये क्या हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
ये गया यारों इसको
लव लव लव
लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ
उसके मोहल्ले में जा कर
ढूंढो दिल मेरा खो गया
कटती नहीं अब तो रातें
हाय जाने क्या मुझको हो गया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ...
उठने लगी मेरे भी दिल में अब तो, जाने कैसी उमंगें
पगली कहे कोई मुझको दीवानी, कैसी हैं ये तरंगें
कभी तारे गिनूं, कभी सपने बुनूं
कभी तारे गिनूं, कभी सपने बुनूं
अब तो इस दिल का मालिक खुदा
लवेरिया हुआ...
डॉक्टर परेशां हैं सारे, झक हकीमों ने मारी
बढती ही जाती है हर दिन, कैसी है ये बीमारी
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ...
1992
,
Alka Yagnik
,
Jolly Mukherjee
,
K
,
Kumar Sanu
,
L
,
Raju Ban Gaya Gentleman
,
Vinu Mahendra
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: विनु महेंद्र
Performed By: कुमार सानू, अलका याग्निक, जॉली मुख़र्जी
क्या हुआ, ये इसे क्या हुआ
अरे दोस्तों इसे क्या हुआ
क्या हुआ इसे क्या हुआ
दोस्तों इसे क्या हुआ
इसका तो बज गया बाजा
ये क्या हुआ ये क्या हुआ
अरे भाई ये क्या हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
ये गया यारों इसको
लव लव लव
लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ, लवेरिया हुआ
उसके मोहल्ले में जा कर
ढूंढो दिल मेरा खो गया
कटती नहीं अब तो रातें
हाय जाने क्या मुझको हो गया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ...
उठने लगी मेरे भी दिल में अब तो, जाने कैसी उमंगें
पगली कहे कोई मुझको दीवानी, कैसी हैं ये तरंगें
कभी तारे गिनूं, कभी सपने बुनूं
कभी तारे गिनूं, कभी सपने बुनूं
अब तो इस दिल का मालिक खुदा
लवेरिया हुआ...
डॉक्टर परेशां हैं सारे, झक हकीमों ने मारी
बढती ही जाती है हर दिन, कैसी है ये बीमारी
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ...
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