Movie/Album: आह (1953)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर
जो मैं जानती उनके लिये
मेरे दिल में कितना प्यार है
इतना प्यार मैं करती क्यों
जो मैं जानती...
जो मैं सोच समझ के चलती
हद से बात गुज़रती क्यों
अन्जाने नयनों से उलझ के
जीते जी मैं मरती क्यों
इतना प्यार मैं...
हरदम उलझी लट से उलझूँ
काजल फेरूँ अंखियन में
वो जो न आते तो मैं इतना
बनती और सँवरती क्यों
इतना प्यार मैं...
हाय रे मीठा दर्द जिगर का
हाय रे पहला पहला प्यार
जो मैं जानती ये सब होगा
इस मुश्किल में पड़ती क्यों
इतना प्यार मैं...
1953
,
Aah
,
J
,
Lata Mangeshkar
,
Shailendra
,
Shankar Jaikishan
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर
जो मैं जानती उनके लिये
मेरे दिल में कितना प्यार है
इतना प्यार मैं करती क्यों
जो मैं जानती...
जो मैं सोच समझ के चलती
हद से बात गुज़रती क्यों
अन्जाने नयनों से उलझ के
जीते जी मैं मरती क्यों
इतना प्यार मैं...
हरदम उलझी लट से उलझूँ
काजल फेरूँ अंखियन में
वो जो न आते तो मैं इतना
बनती और सँवरती क्यों
इतना प्यार मैं...
हाय रे मीठा दर्द जिगर का
हाय रे पहला पहला प्यार
जो मैं जानती ये सब होगा
इस मुश्किल में पड़ती क्यों
इतना प्यार मैं...
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