Movie/Album: मंज़िल (1960)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, गीता दत्त
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम
झुकती हुई आँखों में हैं बेचैन से अरमाँ कई
रुकती हुई साँसों में हैं खामोश से तूफ़ाँ कई
मध्यम, मध्यम...
ठण्डी हवा का शोर है या प्यार का संगीत है
चितवन तेरी इक साज़ है, धड़कन मेरी इक गीत है
मध्यम, मध्यम ...
1960
,
C
,
Geeta Dutt
,
Majrooh Sultanpuri
,
Manzil
,
Md.Rafi
,
S.D.Burman
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, गीता दत्त
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम
झुकती हुई आँखों में हैं बेचैन से अरमाँ कई
रुकती हुई साँसों में हैं खामोश से तूफ़ाँ कई
मध्यम, मध्यम...
ठण्डी हवा का शोर है या प्यार का संगीत है
चितवन तेरी इक साज़ है, धड़कन मेरी इक गीत है
मध्यम, मध्यम ...
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