Movie/Album: अमर अकबर एन्थनी (1977)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, शैलेन्द्र सिंह, किशोर कुमार
अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
अनहोनी को होनी...
एक एक से भले, दो दो से भले तीन
दूल्हा दुल्हन साथ नहीं, बाजा है बारात नहीं
कुछ डरने की बात नहीं
ये मिलन की रैना है, कोई ग़म की रात नहीं
यारों हँसो बना रखी है क्यूँ ये सूरत रोनी
एक जगह जब जमा...
एक एक से भले, दो दो से भले तीन
शम्मा के परवानों को इस घर के मेहमानों को
पहचानो अन्जानों को
कैसे बात मतलब की समझाऊँ दीवानों को
सपन सलोने ले के आई है ये रात सलोनी
एक जगह जब जमा...
1977
,
A
,
Amar Akbar Anthony
,
Anand Bakshi
,
Friendship Song
,
Kishore Kumar
,
Lakshmikant Pyarelal
,
Mahendra Kapoor
,
Shailendra Singh
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, शैलेन्द्र सिंह, किशोर कुमार
अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
अनहोनी को होनी...
एक एक से भले, दो दो से भले तीन
दूल्हा दुल्हन साथ नहीं, बाजा है बारात नहीं
कुछ डरने की बात नहीं
ये मिलन की रैना है, कोई ग़म की रात नहीं
यारों हँसो बना रखी है क्यूँ ये सूरत रोनी
एक जगह जब जमा...
एक एक से भले, दो दो से भले तीन
शम्मा के परवानों को इस घर के मेहमानों को
पहचानो अन्जानों को
कैसे बात मतलब की समझाऊँ दीवानों को
सपन सलोने ले के आई है ये रात सलोनी
एक जगह जब जमा...
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