Movie/Album: ऐन इवनिंग इन पेरिस (1967)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
हमें साथ ले लो जहाँ जा रहे हो
अकेले अकेले कहाँ...
कोई मिट रहा है, तुम्हें कुछ पता है
तुम्हारा हुआ है, तुम्हें कुछ पता है
ये क्या माज़रा है, तुम्हें कुछ पता है
अकेले अकेले कहाँ...
तड़पता ना छोड़ो, मेरी जान हो तुम
ये मुखड़ा ना मोड़ो, मेरी जान हो तुम
मेरा दिल ना तोड़ो, मेरी जान हो तुम
अकेले अकेले कहाँ...
कोई रोक लेगा, तो फिर क्या करोगे
कदम थाम लेगा, तो फिर क्या करोगे
खुशामद करेगा, तो फिर क्या करोगे
अकेले अकेले कहाँ...
1967
,
A
,
An Evening In Paris
,
Hasrat Jaipuri
,
Md.Rafi
,
Shankar Jaikishan
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
हमें साथ ले लो जहाँ जा रहे हो
अकेले अकेले कहाँ...
कोई मिट रहा है, तुम्हें कुछ पता है
तुम्हारा हुआ है, तुम्हें कुछ पता है
ये क्या माज़रा है, तुम्हें कुछ पता है
अकेले अकेले कहाँ...
तड़पता ना छोड़ो, मेरी जान हो तुम
ये मुखड़ा ना मोड़ो, मेरी जान हो तुम
मेरा दिल ना तोड़ो, मेरी जान हो तुम
अकेले अकेले कहाँ...
कोई रोक लेगा, तो फिर क्या करोगे
कदम थाम लेगा, तो फिर क्या करोगे
खुशामद करेगा, तो फिर क्या करोगे
अकेले अकेले कहाँ...
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