Movie/Album: दीवानगी (1992)
Music By: ललित सेन
Lyrics By: शाहिद कबीर
Performed By: चन्दन दास
उसकी गली में फिर मुझे एक बार ले चलो
मजबूर करके मुझे मेरे यार ले चलो
शायद ये मेरा वहम हो, मेरा ख्याल हो
मुमकिन है मेरे बाद उसे, मेरा मलाल हो
पछता रहा हो अब मुझे, दर से उठा के वो
बैठा हो मेरी राह में, आँखें बिछा के वो
उसने भी तो किया था मुझे प्यार ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...
दिवाना कह के लोगों ने हर बात टाल दी
दुनिया ने मेरे पाँव में ज़ंजीर डाल दी
चाहो जो तुम तो मेरा मुक़द्दर संवार लो
यारों ये मेरे पाँव की बेड़ी उतार दो
उसने किया है मिलने का इक़रार, ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...
1992
,
Chandan Dass
,
Lalit Sen
,
Shahid Kabir
,
U
Music By: ललित सेन
Lyrics By: शाहिद कबीर
Performed By: चन्दन दास
उसकी गली में फिर मुझे एक बार ले चलो
मजबूर करके मुझे मेरे यार ले चलो
शायद ये मेरा वहम हो, मेरा ख्याल हो
मुमकिन है मेरे बाद उसे, मेरा मलाल हो
पछता रहा हो अब मुझे, दर से उठा के वो
बैठा हो मेरी राह में, आँखें बिछा के वो
उसने भी तो किया था मुझे प्यार ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...
दिवाना कह के लोगों ने हर बात टाल दी
दुनिया ने मेरे पाँव में ज़ंजीर डाल दी
चाहो जो तुम तो मेरा मुक़द्दर संवार लो
यारों ये मेरे पाँव की बेड़ी उतार दो
उसने किया है मिलने का इक़रार, ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...
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