Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: मिका सिंह, नकाश अज़ीज़
हीर तो बड़ी सैड, आजकल वेरी मैड
हीर तो बड़ी सैड, आजकल वेरी मैड
ना खाती-पीती, रोना-धोना मुश्किल
प्यार की लू में इतनी जल गयी
लू में जाना मुश्किल है
लू में जाना मुश्किल है
हीर की हालत, क़सम रब की
आजकल वेरी बैड है जी
हीर तो बड़ी सैड है...
इश्क़ है माचिस, दिल है डीजल
दोनों टंगे डोरम डोर
कांटे-पांटे आँख-आँख को
सपने कर गए चूरम चूर
बजी पड़ी है बैंड हीर की
अब इस बैंड पे नाचे कौन
हुई बोलती बंद-बंद सी
कई दिनों से है वो बोर
लोग कहें की सनकी हो गयी
हाय या वो अटर मैड है
हीर तो बड़ी सैड है...
मन मृदंग बजे बेढंग
उड़ा है रंग बेचारे का
लुक मूक ऊपर प्रेशर कुकर
हुआ दिमाग कुंवारे का
तेल लगाये नयी ज़िन्दगी
सो सो के दिन काटे वो
वक़्त के मुँह पे गुस्सा कर के
मारती रहती चांटे वो
फिक्र में अब तो उसका डैड है
हाय मॉम भी बड़ी सैड है...
2015
,
A.R.Rahman
,
A.R.Rehman
,
H
,
Irshad Kamil
,
Mika Singh
,
Nakash Aziz
,
Tamasha
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: मिका सिंह, नकाश अज़ीज़
हीर तो बड़ी सैड, आजकल वेरी मैड
हीर तो बड़ी सैड, आजकल वेरी मैड
ना खाती-पीती, रोना-धोना मुश्किल
प्यार की लू में इतनी जल गयी
लू में जाना मुश्किल है
लू में जाना मुश्किल है
हीर की हालत, क़सम रब की
आजकल वेरी बैड है जी
हीर तो बड़ी सैड है...
इश्क़ है माचिस, दिल है डीजल
दोनों टंगे डोरम डोर
कांटे-पांटे आँख-आँख को
सपने कर गए चूरम चूर
बजी पड़ी है बैंड हीर की
अब इस बैंड पे नाचे कौन
हुई बोलती बंद-बंद सी
कई दिनों से है वो बोर
लोग कहें की सनकी हो गयी
हाय या वो अटर मैड है
हीर तो बड़ी सैड है...
मन मृदंग बजे बेढंग
उड़ा है रंग बेचारे का
लुक मूक ऊपर प्रेशर कुकर
हुआ दिमाग कुंवारे का
तेल लगाये नयी ज़िन्दगी
सो सो के दिन काटे वो
वक़्त के मुँह पे गुस्सा कर के
मारती रहती चांटे वो
फिक्र में अब तो उसका डैड है
हाय मॉम भी बड़ी सैड है...
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