Movie/Album: ब्रदर्स (2015)
Music By: अतुल-अजय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहम्मद इरफ़ान
सूरज तेरा गर्दिश में है, ढलते हुए कह गया
फिर लौट के आऊँगा मैं, नज़दीक ही है सुबह
गाये जा, गाए जा
ग़म में है सरगम
गुनगुना ये धुन, गाये जा
रात के धागों से सवेरा बुन
गाये जा...
अपना ही अपना क्यों कहलाया है
कैसे कोई तय करता है, कौन पराया है
एक वही रिश्ता, तेरी कमाई है
दर्द के पल में जिसने तेरा साथ निभाया है
टूटा हुआ तो क्या सितारा तु
किसी का बन सहारा तु
गाये जा, गाए जा...
आँखों में रखना सपना तु कल के
तुझको लेकिन उन तक जाना होगा खुद चल के
मझधारों से तु, हार नहीं जाना
साहिल तुझको पाना होगा, लहरों में ढल के
है ज़िन्दगी वही जो चलती है
ये गिर के ही संभलती है
2015
,
Amitabh Bhattacharya
,
Atul-Ajay
,
Brothers
,
G
,
Mohammed Irfan
,
Shreya Ghoshal
Music By: अतुल-अजय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहम्मद इरफ़ान
सूरज तेरा गर्दिश में है, ढलते हुए कह गया
फिर लौट के आऊँगा मैं, नज़दीक ही है सुबह
गाये जा, गाए जा
ग़म में है सरगम
गुनगुना ये धुन, गाये जा
रात के धागों से सवेरा बुन
गाये जा...
अपना ही अपना क्यों कहलाया है
कैसे कोई तय करता है, कौन पराया है
एक वही रिश्ता, तेरी कमाई है
दर्द के पल में जिसने तेरा साथ निभाया है
टूटा हुआ तो क्या सितारा तु
किसी का बन सहारा तु
गाये जा, गाए जा...
आँखों में रखना सपना तु कल के
तुझको लेकिन उन तक जाना होगा खुद चल के
मझधारों से तु, हार नहीं जाना
साहिल तुझको पाना होगा, लहरों में ढल के
है ज़िन्दगी वही जो चलती है
ये गिर के ही संभलती है
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